अनामिका शुक्ला उर्फ सुप्रिया उर्फ प्रिया का इस्तीफा देने जाने वाले उसके भाई को पुलिस ने मुचलकों पर पिता के सुपुर्द कर दिया है। शिक्षिका को जेल भेजा जा चुका है।
शिक्षिका अपनी भाई रतन के साथ धन निकालने और सामान लेने कासगंज गई थी। वह खुद कार्यालय के बाहर रुक गई थी जबकि भाई बीएसए को इस्तीफा देने गया था। इसी दौरान दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। शिक्षिका को जेल भेजा जा चुका है। उसके भाई से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। साथ ही स्पष्ट किया है कि जब-जब जरूरत होगी जांच के लिए भाई और पिता महिपाल को आना होगा। सोरों के कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद शिक्षिका के भाई को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया है।
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फर्जी शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रिया स्कूल में ज्यादातर शांत ही रहती थी। लेकिन वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थी। इसी के चलते बीते वर्ष नवंबर माह में खेलकूद प्रतियोगिता हुईं तो उसने कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रस्तुति दी थी। उस समय मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने उसे सम्मानित भी किया था।
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शिक्षिका ने बेसिक शिक्षा विभाग की जांच टीम का भी अपेक्षित सहयोग नहीं किया। मांगने पर भी विद्यालय में मौजूद अलमारी की चाबी नहीं दी। जांच टीम उसकी अलमारी में दस्तावेज और अन्य सामान बंद होने की आशंका जता रही है। इसी के चलते टीम का नेतृत्व कर रहे खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह बोरा मंगलवार को यह अलमारी विद्यालय स्टाफ की मौजूदगी में सील करने की बात कही है। राजेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि विभागीय जांच की जा रही है। विद्यालय में शिक्षिका की एक अलमारी और अन्य कुछ सामान है। अलमारी की चाबी शिक्षिका ने टीम को नहीं दी है। इसलिए उसकी अलमारी सील कर दी जाएगी।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद विभाग ने शिक्षिका अनामिका शुक्ला की संविदा समाप्त कर दी है। शासन से निर्देश मिलने के बाद रविवार को शिक्षिका की पत्रावली तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी गई थी। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई की है। बीएसए अंजलि अग्रवाल ने बताया कि शिक्षिका की संविदा समाप्त कर दी गई है।