नौकरी के नाम पर जालसाजों ने अनामिका शुक्ला उर्फ प्रिया उर्फ सुप्रिया से एक लाख रुपये लिए थे। इसके लिए उसके पिता ने 50 हजार रुपये में अपनी भैंस बेच दी। 50 हजार कर्ज लेकर दे दिए। बाद में अनामिका शुक्ला नाम से नौकरी करने को कहा। कहा गया था कि एक साल बाद नाम सुप्रिया हो जाएगा। यह जानकारी फर्जी शिक्षिका के पिता ने पुलिस को पूछताछ के दौरान दी। साथ ही आरोपी शिक्षिका के कई दस्तावेज भी सौंपे हैं।
विज्ञापन
2 of 6
शिक्षिका अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार शाम फर्जी शिक्षिका के पिता महीपाल को पुलिस टीम ने सोरों कोतवाली में बुलाया। यहां विवेचक मोहर सिंह ने उनसे पूछताछ की। पिता ने बताया कि वर्ष 2018 में जालसाज राज और अमरकांत से कायमगंज में मुलाकात हुई थी। दोनों पड़ोस में रहने वाले भाई के यहां आते-जाते थे। उन्होंने बेटी को नौकरी दिलाने का वादा किया। कहा कि एक लाख रुपये देने होंगे।
विज्ञापन
3 of 6
अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
महीपाल ने बताया कि गरीबी का हाल था। सरकारी नौकरी की आस जागी तो 50 हजार रुपये में भैंस बेच दी और 50 हजार रुपये कर्ज लेकर दे दिए। जब नियुक्ति पत्र मिला तो बेटी को अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी मिली। पूछने पर बताया गया कि एक साल तक अनामिका शुक्ला के नाम पर ही नौकरी करनी होगी। उसके बाद नाम बदलकर सुप्रिया हो जाएगा। पिता ने पुलिस को कक्षा 5, 11 और बीए के शैक्षणिक प्रमाण पत्र एवं मूल निवास सहित अन्य दस्तावेज सौंपे।
4 of 6
अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने पुलिस को कक्षा 10, 12 और बीए के प्रमाण पत्रों की फोटो कॉपी दी है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कक्षा 10, 12 और बीए के मूल दस्तावेज जालसाजों ने ले लिए थे, वे अभी तक नहीं लौटाए हैं। शैक्षणिक दस्तावेज में आरोपी शिक्षिका का नाम सुप्रिया है।
विज्ञापन
5 of 6
अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
अब तक पुलिस के हाथ नहीं चढ़े जालसाज
जालसाज राज और अमरकांत अभी तक फरार हैं। उनकी तलाश में सोरों पुलिस कई जिलों में दबिश दे रही है। पुलिस की एक टीम मैनपुरी में डेरा डाले हुए है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही जालसाजों की तलाश कर ली जाएगी। हालांकि अभी तक पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि आरोपी शिक्षिका के पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पिता ने विवेचक मोहर सिंह को कई दस्तावेज दे दिए हैं। कक्षा 11 की मार्कशीट और आधार कार्ड तो पुलिस ने गांव से ही बरामद कर लिए, लेकिन बयान दर्ज कराने पहुंचे पिता ने अब अन्य दस्तावेज दिए हैं। अलग-अलग बिंदुओं पर जांच चल रही है।