ताजमहल
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दिसंबर और जनवरी के कोहरे के दौरान आगरा का वायु प्रदूषण 400 के पार पहुंचता था, लेकिन लगातार खुदाई के कारण उड़ रही धूल और मिट्टी से अक्तूबर में ही 500 के पास पहुंच गया। प्रदूषण जांच के उपकरणों से प्राप्त आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण पुरानी मंडी चौराहे पर है, जहां वायु गुणवत्ता 499 तक पहुंच गई। ताजमहल पर दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व दिशा से हवा चलने पर सभी धूलकण ताजमहल के मुख्य गुंबद तक पहुंच रहे हैं।