ताजनगरी की मुक्केबाज बेटियां अपने पंच से देश में शहर का नाम रोशन कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजी टीम की ओर से प्रतिनिधित्व करने के अलावा मुक्केबाज बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर 14 से ज्यादा पदक जीत चुकी हैं। तीन साल में इनकी संख्या 30 से 57 पर पहुंच गई है।
अपने पंच के बूते पर मुक्केबाज मंजेश कुमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, जबकि शैली सिंह हाल ही में राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर बनी हैं। जिला बाक्सिंग संघ के अध्यक्ष राहुल सिंह का कहना है कि स्कूलों में मुक्केबाजी को तीन-चार सालों से काफी महत्व दिया जा रहा है। सन 2019 में जहां शहर में महिला मुक्केबाजों की संख्या 30 थी, वहीं इनकी संख्या अप्रैल-2022 तक लगभग 57 पहुंच चुकी है।
खिलाड़ी नई तकनीकों को अपना रहे
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त रेफरी सोमेश दुबे का कहना है कि उदयीमान खिलाड़ी उन नई तकनीकों को गंभीरता से अपना रहे हैं, जो आज की मुक्केबाजी के लिए जरूरी है। यही कारण है कि चार सालों में महिला मुक्केबाज राज्यस्तर से लेकर राष्ट्रीयस्तर तक पदक ला रही हैं।