आगरा समेत पूरे ब्रज में शुक्रवार शाम को आफत के ओले बरसे। अब तक गर्म चल रहे मौसम ने अचानक पलटी मारी। शाम को तेज आंधी, बारिश और फिर ओले गिरना शुरू हो गए, जिसने गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। शहर में लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन गांव में ये ओले किसानों के अरमानों पर पड़े।
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फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
गरज-चमक संग बारिश शुरू हुई और चंद पलों में ही ओले पड़ने लगे। करीब ढाई घंटे तक आंधी, ओलों और तेज बारिश ने खेतों में गेहूं की फसल को बिछा दिया। अगरा में शहर की सड़कों और पार्कों के साथ फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, किरावली, एत्मादपुर में ओलों के कारण खेतों में बर्फ की चादर नजर आने लगी। सिकंदरा, आवास विकास, शास्त्रीपुरम की ओर ओलों की मार ज्यादा रही। करीब 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
खेतों में सुनहरी आभा लिए गेहूं की बालियां कटने में बस चंद दिन बाकी थे कि शुक्रवार शाम को अचानक बदला मौसम किसानों के लिए बर्बादी लेकर आया। फतेहपुर सीकरी में रात आठ बजे तेज आंधी के साथ जमकर ओले गिरे। गांव मोहम्मदपुर में लोगों से फसलों को काफी नुकसान हुआ। एत्मादपुर, किरावली, अछनेरा, मलपुरा और मिढ़ाकुर में आंधी के साथ ओले भी गिरे। खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल के कारण किसान बेहद परेशान रहे।
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फसल बर्बाद
- फोटो : अमर उजाला
ओले, आंधी और तेज बारिश से गेहूं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। फसल खड़ी हुई है तो ओले से बालियां झड़ जाएंगी, जिससे गेहूं कम निकलेगा। कटी हुई फसल में पानी भरने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। गेहूं का रंग काला पड़ जाएगा, सड़ने की भी संभावना है। फसल न सूखने तक इसकी कुटाई नहीं हो पाएगी। दरअसल, जिले में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल होती है। इसमें करीब 1.30 लाख हेक्टेयर गेहूं बोया जाता है। अधिकांश किसानों का गेहूं खेत में है और इसकी कुटाई की जा रही है। शुक्रवार को बारिश-ओले से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं।
इसके अलावा तेज आंधी से अमियां टूटकर गिर गई हैं। इससे आम की पैदावार कम हो जाएगी। लौकी, तोरई, कद्दू और तरबूज-खरबूज की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि आंधी, ओले और बारिश इस समय की हर फसल के लिए नुकसान है। गेहूं में लगभग 15-20 फीसदी नुकसान होने की आशंका है। आम की पैदावार घटेगी, ओले से सब्जियां फट जाएंगी, जिनके खराब होने की संभावना अधिक रहती है।