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श्री पारस अस्पताल ऑक्सीजन मॉकड्रिल प्रकरण: दस सवालों से उजागर होगी 48 घंटों की सच्चाई

Mon, 28 Jun 2021 09:29 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
श्री पारस अस्पताल में 26 और 27 अप्रैल के उन 48 घंटों की सच्चाई से पर्दा हटाने के लिए आईएमए ने मरीजों के परिजनों के लिए 10 सवाल तैयार किए हैं। इन सवालों के जवाब और मरीजों की आपबीती सुनकर सही तस्वीर सामने आएगी। जांच समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने बताया कि उनको पैन ड्राइव मिली है, जिसमें डॉ. अरिन्जय जैन ने 35 मरीजों के विवरण की बात कही है। इन सभी मरीजों या उनके परिजनों से एक-एक करके बात करेंगे। उन 48 घंटों क्या हुआ, क्या हालत थे, किन परिस्थितियों से वह रूबरू हुए। उनसे पूछकर रिपोर्ट बनाएंगे। इसके लिए रविवार को हुई ऑनलाइन बैठक में मसौदा तय हो गया है। 35 मरीजों या उनके परिजनों से बात करने के बाद उन्हें जांच की प्रगति के बारे में भी बताया जाएगा। बैठक में डॉ. संजय चतुर्वेदी, आईएमए सचिव डॉ. अनूप दीक्षित भी रहे। संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे दूसरे दिन भी बैठक में शामिल नहीं हुए। 
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पुलिस के बीच श्री पारस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरिंजय जैन, सफेद शर्ट में - फोटो : अमर उजाला
पूछे जाएंगे ये सवाल
- आपका मरीज अस्पताल में कब भर्ती हुआ, क्या हालत थी। 
- 26, 27 अप्रैल को आपके मरीज की मौत हुई थी क्या।
- कोरोना था या फिर नॉन कोविड, आईसीयू में थे या फिर वार्ड में 
- मरीज ऑक्सीजन पर थे, क्या ऑक्सीजन की किल्लत थी। 
- ऑक्सीजन की किल्लत थी तो क्या स्टाफ ने पहले से जानकारी दी।
- 26 और 27 को कोई मॉकड्रिल जैसी कोई चर्चा सुनी। 
- 26 की सुबह अस्पताल में क्या अफरातफरी की स्थिति रही। 
- कितने मरीज मरे, कोई चर्चा सुनी, कोई शव आपके सामने से निकाला गया। 
- अस्पताल में डॉ. अरिन्जय जैन थे, क्या उन्होंने मरीज लेकर जाने को कहा।
- क्या अस्पताल स्टाफ ने ऑक्सीजन की खुद व्यवस्था करने को कहा।
 
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श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
यह भी रहे जांच के बिंदु 
- वीडियो में डॉ. अरिन्जय का बयान : वायरल वीडियो में डॉ. अरिन्जय के बयान... ‘पांच मिनट ऑक्सीजन बंद कर मॉकड्रिल करने, 96 में से 22 मरीज छंटने और मरीजों के बदन नीले पड़ गए’ को भी जांच में शामिल किया गया।
 - दो और सदस्य बढ़ाए जाएं : समिति की जांच के लिए शुरूआत में पांच सदस्य मनोनीत किए, इसमें से डॉ. शरद गुप्ता ने इस्तीफा दिया, डॉ. डीवी शर्मा जांच से दूर हैं। ऐसे में दो और सदस्य मनोनीत किए जाएं।  
- भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड : भर्ती मरीजों की फाइल उपलब्ध कराई जाए, इसके लिए दो घंटे अस्पताल की सील खोली जाए, इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी साथ रह सकते हैं, यह मांग डीएम से करेंगे।

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श्री पारस अस्पताल: मुख्य दरवाजे पर तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
भरोसा कायम रखने के लिए जांच
आईएमए की जांच से किसी को सजा नहीं होगी, लेकिन चिकित्सक और मरीज के भरोसा कायम रहे, समिति का यही मकसद है। जांच में तेजी आई है। उम्मीद है कि हकीकत अब छिप नहीं सकेगी। - डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, सदस्य जांच समिति

नेशनल कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली गया था, रविवार की देर शाम आया, सोमवार को बैठक में शामिल होंगे, वैसे दो दिन में तय हुए बिंदुओं पर चर्चा हो चुकी है। - डॉ. सुधीर धाकरे, संयोजक जांच समिति 
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पारस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
नए सदस्यों पर चर्चा की
जांच समिति में जरूरत पड़ी तो सदस्यों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। समिति के सदस्यों ने इस पर चर्चा भी की है।  - डॉ. अनूप दीक्षित, सचिव

बाकी रिकॉर्ड के लिए डीएम से मिलेंगे
बाकी के मरीजों के रिकॉर्ड के लिए डीएम से मिलेंगे, उनसे जब्त किए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा जाएगा, जिससे जांच आगे बढ़ सके। - डॉ. राजीव उपाध्याय, अध्यक्ष आईएमए

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