आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव लालऊ में चार साल पहले दसवीं की छात्रा संजलि को पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया गया था। उसकी मौत हो गई थी। इस घटना ने देश को हिला दिया था। राजनीति गर्मा गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा किया। दो आरोपियों को जेल भेजा। पिता का कहना है कि चार साल में 108 में से 18 की गवाही हुई है। वह आज भी न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। आरोपियों को सजा मिलेगी, तब ही बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।
गांव लालऊ निवासी हरेंद्र की बेटी संजलि को 18 दिसंबर 2018 को स्कूल से लौटते समय पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह दसवीं की छात्रा थी। संजलि के पिता हरेंद्र ने बताया कि घटना को चार साल हो गए हैं। वह आज तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 108 गवाह बनाए थे। इनमें पुलिस अधिकारी से लेकर कर्मचारी शामिल थे। अब तक वादी, विवेचक सहित 18 की गवाही हो सकी है।