दुनिया में आगरा को ताजमहल की खूबसूरती के लिए जाना जाता है, लेकिन इस शहर की खूबसूरती पर कॉलोनियों की बदहाली दाग लगा रही है। दौरेठा, अवधपुरी, अलबतिया रोड की छह कॉलोनियों के लोगों ने समस्याओं के निदान न होने पर परेशान होकर कॉलोनियों के नाम ही बदल दिए थे। अवधपुरी का नाम रख दिया नरकपुरी, पंचशील कॉलोनी का नाम दुर्गंधृशील कॉलोनी और मान सरोवर कॉलोनी का नाम नाला सरोवर कॉलोनी रखा था। मामला जब मीडिया में सुर्खियां बना तो एडीए के अफसरों ने इन कॉलोनियों के हालात बदलने की बजाय लोगों द्वारा बदले नाम के पोस्टर बैनर फाड़ दिए। दौरेठा की तरह कलवारी की पांच कॉलोनियों के लोग भी जलभराव और अव्यवस्थाओं से परेशान हैं। यहां के क्षेत्रीय लोगों ने कॉलोनियों के नाम बदल दिए हैं। क्षेत्रीय लोगों द्वारा कॉलोनी के बदले नाम उनकी समस्याओं को बयां कर रहे हैं।
विवेक बिहार बना डेंगू विहार, पुलक पुरम बना गंदगी पुरम, सिकंदरपुरम का नाम बदल कर परेशान नगर रख दिया गया। मुन्नी विहार बना गंदा नाला पुरम, सुरदेश पुरम का नाम बीमारी बिहार रखा गया है। यहां 60 साल की महिला का जलभराव में फिसलने से हाथ टूट गया था।
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घर पर लगा मकान बिकाऊ है का पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
एक हजार से अधिक बच्चे यहां दो महीने से रास्तों में पानी भरने के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। यहां तीन स्कूल हैं। क्षेत्र में करीब 10 हजार आबादी रहती है। इस बार लोगों ने अपने घरों पर मकान बिकाऊ है, के पोस्टर भी लगाए हैं। यहां के लोगों का कहना है कि कॉलोनियों में नरकीय हालात हैं।
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नरकपुरी के बैनर फाड़े जा चुके हैं
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी दौरेठा में पहुंचे थे, जहां ‘नरकपुरी’, ‘दुर्गंधशील’ कॉलोनी, ‘कीचड़ नगर’, ‘नाला सरोवर’, ‘घिनौना नगर’ के पोस्टर लगे थे, उन्हें फाड़ दिया गया। एडीए अफसरों के इस रवैये से लोगों में आक्रोश है।
क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं के समाधान की जगह एडीए की सचिव ने लोगों को चेतावनी दी थी कि दोबारा ऐसे नामों वाले पोस्टर ना लगाएं। टैक्स नहीं देंगे तो विकास कार्य कैसे होंगे। बुधवार को कलवारी क्षेत्र के लोगों ने फिर से कॉलोनियों के नए नामों के पोस्टर-बैनर लगा दिए हैं।