आगरा के इंडस्ट्रियल एरिया में हुए हादसे के बाद दो छात्राओं और दो युवकों की जान बचाने के लिए सिकंदरा थाना का सिपाही उम्मेद अली जान पर खेल गया। उसने परवाह नहीं की कि नाले में कितना पानी है। यह जहरीला पानी था, इसमें रसायन थे, बदबू आ रही थी, सांस लेना भी मुश्किल था लेकिन वह एक पल गंवाए बिना ही कूद गया।
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नाले में सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
उसकी हालत बिगड़ गई लेकिन चारों को निकालने से पहले रुका नहीं। बाद में उसे भी भर्ती कराना पड़ा। उसके साथ सिर्फ एक सिपाही था। उसने आसपास के लोगों से मदद मांगी और रस्सी मंगाई। रस्सी का ऊपरी सिरा दूसरों को पकड़ाया और कूद गया नाले में। उसने ही चारों को एक एक कर रस्सी के सहारे बाहर निकाला।
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नाले से सिपाही ने निकाली लाशें
- फोटो : अमर उजाला
कार का शीशा ईंट से तोड़ा। इसके बाद गेट खोला। मुश्किल बहुत था, नीचे अंधेरा ही अंधेरा था, उसके साथ उसकी हिम्मत के सिवाय कोई और नहीं था लेकिन वह हारा नहीं। अकेले ही लगा रहा।उसे देख और लोग भी मदद के लिए आ गए। वहां भारी भीड़ जमा हो गई। वह युवक और युवतियों को बाहर निकाल रहा था।
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बहादुर सिपाही उम्मेद अली
- फोटो : अमर उजाला
लोग उन्हें पुलिस की मदद कर अस्पताल पहुंचा रहे थे। काफी समय लग गया। इस दौरान कई लोगों का बदबू के मारे बुरा हाल हो गया। उम्मेद अली की तबीयत बिगड़ गई। सिकंदरा थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसने सराहनीय कार्य किया है। उसका नाम पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। उसे कॉप आफ द मंथ भी चुना जा सकता है।
उम्मेद अली की हालत में रात करीब दस बजे कुछ सुधार हुआ। उसने बताया कि उसे सिर्फ इस बात का मलाल है कि उसके पास तक सूचना कुछ देरी से आई। अगर पहले पता चल गया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।