ताजमहल से 1300 मीटर दूर बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिए जाने के साथ ही अब इसका निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। नौ महीने से म्यूजियम का काम बंद पड़ा हुआ है। दिसंबर, 2017 में म्यूजियम का निर्माण पूरा होना था, लेकिन बजट न मिलने से म्यूजियम का काम रुका रहा। अब तय समय से चार साल बाद ही म्यूजियम का काम पूरा हो सकेगा।
विज्ञापन
2 of 6
म्यूजियम की इमारत
- फोटो : अमर उजाला
इस आधुनिकतम म्यूजियम पर 94 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जबकि 92 करोड़ बाकी हैं। फतेहाबाद रोड पर शिल्पग्राम पार्किंग के नजदीक बन रहे म्यूजियम की लागत 130 करोड़ रुपए थी। प्रीकॉस्ट तकनीक पर उत्तर प्रदेश का यह पहला सरकारी प्रोजेक्ट था, जिसे दिसंबर, 2017 तक पूरा कर लिया जाना था लेकिन सरकार बदलते ही बजट न मिलने के कारण टाटा प्रोजेक्ट्स (इसे बना रही कंपनी) काम की समय सीमा को आगे बढ़ाती रही।
विज्ञापन
3 of 6
म्यूजियम की इमारत
- फोटो : अमर उजाला
जीएसटी लागू होने से बढ़ गया निर्माण खर्च
इस बीच जीएसटी लागू होने और काम में एसटीपी व चारदीवारी का निर्माण भी शामिल कर लिए जाने से निर्माण लागत 186 करोड़ रुपये पहुंच गई। राजकीय निर्माण निगम ने इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा लेकिन बजट पर असमंजस बना रहा। प्रदेश सरकार ने इस बजट में से केवल 20 करोड़ रुपये म्यूजियम के लिए जारी किए, लेकिन वह भी अभी तक नहीं मिल पाए। इसी वजह से नौ महीने से म्यूजियम का काम बंद पड़ा था।
4 of 6
शिवाजी के नाम से होगा आगरा का म्यूजियम
- फोटो : अमर उजाला
शिवाजी म्यूजियम में ये होगा खास
- विभिन्न कालखंडों के अनुसार शहर के डिजिटल नक्शे और उत्खनन की जानकारी मिलेगी।
- महाभारत काल में अग्रवन से लेकर मुगल शासन तक की जानकारी मिलेगी।
- छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से जुड़े तथ्यों को गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा।
- गैलरी की छत पर ग्लास प्रिंटेड पैनल लगे होंगे। इनकी प्रतिकृति नीचे फर्श पर पड़ेगी तो आगरा व आसपास के क्षेत्रों के नक्शे उभरेंगे।
- समय के साथ वास्तुकला में आए बदलावों को दिखाया जाएगा। ताजमहल, आगरा किला और अन्य स्मारकों के मॉडल होंगे।
- गुंबद, कलश, मेहराब, तोड़े, छतरी आदि के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर के पेठा, दालमोंठ, चर्म उद्योग व मार्बल की पच्चीकारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
- पुराने शहर, फैशन, मौसम और जनसंख्या के बारे में जानकारी मिलेगी।
- शहर की शिल्पकलाओं, बर्तन, आभूषण, मार्बल, गलीचा, कपड़े, पेंटिंग की जानकारी मिलेगी।
विज्ञापन
5 of 6
यूपी के पूर्व राज्यपाल राम नाईक
- फोटो : amar ujala
कोठी मीना बाजार हवेली में प्रस्तावित था शिवाजी म्यूजियम
पिछले साल प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने आगरा किला से छत्रपति शिवाजी के जुड़ाव को देखते हुए कोठी मीना बाजार हवेली पर स्मारक और म्यूजियम बनाने की इच्छा प्रदेश सरकार से जाहिर की थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने कोठी मीना बाजार हवेली की नाप जोख कराकर पर्यटन विभाग से प्रस्ताव मांगा। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने म्यूजियम को लेकर पैरवी की थी, लेकिन नापजोख के बाद से ही शिवाजी महाराज के स्मारक और म्यूजियम का काम आगे नहीं बढ़ सका था।
आंकड़ों की नजर से
- 5.9 एकड़ जमीन पर बन रहा म्यूजियम
- 1300 मीटर दूर है ताजमहल से
- 186 करोड़ रुपये है म्यूजियम की लागत
- 130 करोड़ रुपये किए थे मंजूर
- 56 करोड़ एसटीपी, चारदीवारी के कारण बढ़े
- 2016, जून में शुरू हुआ था काम
- 2017, दिसंबर में पूरा होना था निर्माण