प्रशासनिक लापरवाही के कारण आगरा मेट्रो रेल योजना पर काम शुरू नहीं हो पा रहा। पिछले एक साल में यार्ड के लिए और पिछले छह महीने में कास्टिंग यार्ड के लिए जमीन का बंदोबस्त नहीं हो पाया। ये स्थिति तब है, जबकि पूरा अमला जमीन तलाशने में लगा है।
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अकबर मकबरा
मेट्रो रेल योजना के तहत सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट कॉरीडोर के लिए पीएसी मैदान पर यार्ड प्रस्तावित है। मगर, यहां से अब तक पीएसी को विस्थापित नहीं किया जा सका है। लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) दो साल पहले अपनी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में इस स्थान को चिह्नित कर चुकी है।
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tajmahal
शासन से भी लगभग एक साल पहले पीएसी को स्थानांतरित करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। मगर, तब से अब तक स्थानीय स्तर पर जगह की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। बीते शनिवार और रविवार को कमिश्नर, डीएम से लेकर एडीएम प्रशासन, एडीए सचिव, पीएसी और एलएमआरसी के अधिकारी जगह के लिए मशक्कत कर चुके हैं।
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यहां से जानी है मेट्रो का ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले यार्ड का काम शुरू होना है। इधर, एलएमआरसी ने प्रशासन से कास्टिंग यार्ड के लिए छह हेक्टेयर जमीन मांगी है। जोकि नगर निगम सीमा और संपर्क मार्ग के नजदीक हो। कास्टिंग यार्ड में निर्माण सामग्री का भंडारण तथा अन्य कार्य होंगे। इसके लिए भी जमीन नहीं मिल पाई है।
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आगरा किला
- फोटो : अमर उजाला
महुआ खेड़ा, सींगना, रहनकलां, किरावली, एत्मादपुर मजरा और बाह क्षेत्र में सरकारी भूखंडों का निरीक्षण किया है। आगरा किला और बिजलीघर पर प्रस्तावित मेट्रो रेल के स्टेशनों के निर्माण में भी जमीन को लेकर अड़चन आएगी। दरअसल, यह जमीन छावनी और रक्षा संपदा विभाग की है। अब तक इस जमीन को लेकर निर्णय नहीं हो पाया है।
जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार का कहना है कि पीएसी स्थानांतरण के लिए कई जगह जमीन देखी गई है। पीएसी के अधिकारियों को निर्णय लेना है। हमारी ओर से कई विकल्प दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर और भी जमीन दिखा दी जाएंगी।