फतेहाबाद रोड स्थित टीडीआई मॉल के सामने ताजपूर्वी गेट मेट्रो स्टेशन के लिए पिलर की खोदाई के दौरान रविवार रात एक बजे 10 व 14 इंच की पानी पाइप और 48 इंच मोटी सीवर लाइन निकलने से काम रुक गया। इसके बाद से खोदाई करने वाली रिंग मशीन बंद है। सोमवार सुबह यूपीएमआरसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौका-मुआयना करने के बाद पानी की लाइनों को काट कर यू शेप में जोड़ शिफ्टिंग कार्य शुरू कराया। सोमवार को दिनभर यही कार्य चलता रहा। इस दौरान मेट्रो के लिए खोदाई का काम नहीं हो पाया। यूपीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक दोनों पानी की लाइन काटकर शिफ्ट की जाएंगी। इसमें अभी दो दिन का समय लग सकता है। सीवर लाइन को नहीं हटाया जाएगा।
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फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले रविवार रात तक पहले पिलर के पांच पाइप तैयार हो गए थे। इनके बाद रात 12:30 से एक बजे के बीच दूसरे पिलर के लिए गड्ढा खोदने के दौरान पानी-सीवर की लाइन निकलीं। गनीमत रही रिंग मशीन से सीवर लाइन क्षतिग्रस्त नहीं हुई। पानी की दोनों लाइन ट्रैक के आड़े बिछी हैं। दूसरी 48 इंच व्यास की कॉन्क्रीट सीवर पाइप लाइन ट्रैक के समानांतर दो मीटर गहराई में डली है। वहीं रिंग मशीन बंद होने के बाद उसका ब्लेड भी उतर गया है। खोदाई के दौरान कुछ टेलीकॉम कंपनियों की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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आगरा मेट्रो का काम शुरू
- फोटो : अमर उजाला
निगम ने नहीं दिया नक्शा
मेट्रो के अधिकारी ने बताया कि नगरायुक्त ने मेट्रो ट्रैक के नीचे बिछी लाइनों का नक्शा यूपीएमआरसी को उपलब्ध नहीं कराया है। नक्शा नहीं होने के कारण भूमिगत लाइनों का पूर्वानुमान नहीं हो पा रहा। इसमें कोई बड़ी क्षति भी हो सकती है।
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फतेहाबाद मार्ग पर हो रहा मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य
- फोटो : अमर उजाला
हमने पहले ही बता दिए हैं प्वाइंट
भूमिगत लाइनों को यूपीएमआरसी शिफ्ट करेगा। हमने उन्हें ऐसे प्वाइंट बता दिए हैं। इसमें हमारा कोई रोल नहीं है। - आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग
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पहले स्टेशन के खंभे का गड्ढा तैयार
- फोटो : अमर उजाला
जोड़ी जा रहीं हैं लाइनें
सोमवार को खोदाई का काम बंद रहा है। लाइनों को वहां से शिफ्ट किया जा रहा है। यू शेप देकर इन्हें दोबारा जोड़ा जाएगा। बाकी अन्य कार्य चालू हैं। - पंचानन मिश्र, उपमहाप्रबंधक, यूपीएमआरसी
30 किमी ट्रैक में 524 पानी, सीवर, गैस लाइनों का भूमिगत जाल बिछा है।
207 पानी व सीवर लाइन ऐसी हैं जो ट्रैक के आड़े बिछी हैं, इनसे रुकावट है।
317 लाइनों को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी ये ट्रैक के समानांतर डाली गई हैं।