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यूपी: 'आखिरी बार उन्हें देख तो लेने दो, हत्या कर दी'; जुआ पकड़ने पहुंची पुलिस; झड़प में छत से गिरे युवक की मौत

Sun, 18 Oct 2026 03:48 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में पुलिस जुआ पकड़ने पहुंची। इस दौरान झड़प हो गई। यहां एक युवक छत से गिर गया, उसकी मौत हो गई। परिजन ने रुपये नहीं मिलने पर फेंकने का आरोप लगाया है। डीसीपी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। विधायक जीएस धर्मेश ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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युवक की मौत पर बवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आगरा में जुआ पकड़ने पहुंचे चीता मोबाइल के दो सिपाहियों से झड़प में छत से गिरकर युवक की मौत हो गई। पुलिसकर्मी भाग निकले। परिजन ने रुपये नहीं मिलने पर छत से फेंक देने का आरोप लगाते हुए एमजी रोड पर हंगामा किया। आरोप लगाया कि चार दिन पहले भी यही सिपाही 70 हजार रुपये लूट ले गए थे। डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने आरोपों की गंभीरता के आधार पर दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।

मामला रकाबगंज थाना के रावली क्षेत्र का है। यहां गांधी प्रतिमा के पास की बस्ती में रहने वाले ललित राजपूत (35) दिल्ली गेट स्थित चिकित्सक के क्लीनिक पर कंपाउंडर थे। परिजन ने बताया कि शुक्रवार रात मोहल्ले के एक बुजुर्ग का जन्मदिन था। 12 बजते ही उन्हें बधाई देने के बाद ललित साथी हरीश, लाला उर्फ ध्रुव और दो अन्य के साथ अपने रिश्तेदार भगवान सिंह के फाटक वाली बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर चले गए। वहां छत पर बैठकर ताश खेलने लगे।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ललित के भाई भानु ने बताया कि रात 12:45 बजे रकाबगंज थाने की चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही आकाश शर्मा और शुभम राठी आए। पुलिस के पहुंचने पर अन्य लोग भाग गए पर ललित को दोनों ने पकड़ लिया। उसकी पिटाई करने लगे। विरोध करने पर दोनों ने ललित को छत से धक्का दे दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। हालांकि परिजन ललित को एसएन मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां मृत घोषित कर दिया गया। रात में पुलिस बल प्रयोग कर उनसे शव छीनकर ले गई और पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया।
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लोगों से बात करते विधायक डाॅ. जीएस धर्मेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं का फूटा गुस्सा
शनिवार सुबह परिजन को रोता-बिलखता देख मोहल्ले की महिलाएं आक्रोशित हो गईं। भारी संख्या में एकत्रित होकर एमजी रोड पहुंच गईं। मौके पर शहर के कई थानों के प्रभारी फोर्स के साथ मौजूद थे। रोकने पर महिलाओं ने विरोध जताया। सूचना पर विधायक छावनी डॉक्टर जीएस धर्मेश पहुंचे। डीसीपी प्रोटोकाॅल राजकुमार सिंह ने दोनों सिपाहियों के निलंबन की जानकारी दी। पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोनों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। विधायक ने सरकार से मृतक की पत्नी को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

 

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पुलिस के छापे के दाैरान छत से गिरा था युवक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात भर चले लीपापोती के प्रयास, रावली बनी रही छावनी
जुआ पकड़ने गए पुलिसकर्मियों से झड़प के बाद छत से गिरे कंपाउंडर ललित की मौत से रात में ही पूरा मोहल्ला घरों से बाहर आ गया। सर्किल के फोर्स ने शुक्रवार रात से शनिवार को अंतिम संस्कार होने तक पूरे क्षेत्र को छावनी बनाए रखा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को बचाने के प्रयास, सिपाहियों की ओर से मुआवजा देकर मामला निपटाने की कोशिश भी हुई। सुबह लोगों के सड़क पर जुटने और आक्रोश जताने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

 
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माैके पर जांच करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार सुबह रावली के लोगों ने बाजार बंद कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस बैकफुट पर आई। कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराने के प्रयास हुए। ललित दो भाई और चार बहन थे। सभी की शादी हो चुकी है। ललित और उनका भाई एक ही घर में रहते थे। पत्नी कुमकुम पति की मौत के बाद बेसुध हो गईं। होश आते ही दो बेटियों के पालन पोषण की बात बोलकर रोने लग रही थीं। उन्होंने परिवार उजाड़ने का आरोप लगाकर पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग तक कर डाली।
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छत पर बिखरे ताश के पत्ते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारी पल-पल का अपडेट ले रहे थे। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की टीम लोगों के बीच रहकर उनके आक्रोश व नरम पड़ने दोनों की जानकारी दे रही थी। परिजन का आरोप है कि दूसरे थाने के एक सिपाही को क्षेत्र का कोई व्यक्ति टिप दे रहा था। जुआ पर कार्रवाई के लिए एसीपी के साथ दबिश मारने के निर्देश पूर्व में जारी हुए थे। आरोपी सिपाहियों ने थाना प्रभारी को भी कोई सूचना नहीं दी। उनका उद्देश्य जुआ लूटना ही था। बिना अनुमति पुलिसकर्मी कैसे छापा मारने पहुंचे। चार दिन पहले भी इसी तरह छह के करीब पुलिसकर्मियों ने 70 हजार रुपये लूटे थे। हालांकि परिजन इस बात का कोई प्रमाण नहीं दे सके।
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माैके पर जुटी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग खोल सकती है राज
परिजन का कहना है कि बिल्डिंग के बाहर और गांधी प्रतिमा तक कई प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित की जाए। परिजन की मौजूदगी में देखी जाए। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पुलिस की मंशा का राज खुल जाएगा। पता चलेगा कि आरोपी पुलिसकर्मी गश्त करते निकले थे या सोची समझी साजिश के तहत जुआ लूटने आए थे। पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

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युवक का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल
बेटे की मौत के बाद मां मुन्नी और पिता चंदन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे की हत्या की है। थाना प्रभारी ने उन्हें बेलगाम छोड़ रखा था। जिसको चाहते पकड़ कर जेल भेजने की धमकी देकर वसूली करते थे। घटना के लिए थाना प्रभारी भी जिम्मेदार हैं। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय निवासी आकाश ने बताया कि ललित को दवाओं का ज्ञान था। आधी रात भी किसी की तबीयत खराब होने पर वह एक पैर पर खड़े रहते थे। दवाओं से लेकर सारी मदद करते और रुपये तक नहीं लेते थे।
 

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युवक की मौत के बाद रोती हुई पत्नी व परिजनों के साथ चार माह की बच्ची। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आखिरी बार पति की शक्ल भी नहीं देख पाई कुमकुम
आखिरी बार उन्हें देख तो लेने दो, हत्या कर दी, रात में ही उन्हें उठा ले गए। अब अंतिम दर्शन भी नहीं करने दे रहे हो। इस तरह चीखकर रोती कुमकुम के आंसू भी पुलिस को झकझोर नहीं पाए। शव ले जाने के दौरान पुलिस ने गांधी पार्क का गेट बंद कर महिलाओं को अंदर कैद कर दिया। शव को आखिरी बार देखने तक नहीं दिया गया। दोपहर ढाई बजे के करीब ललित का शव रावली लाया गया। पुलिस ने शव को एंबुलेंस से उतरवाया। रास्ता संकरा होने का हवाला देकर गांधी पार्क में शव रखवा दिया। शव पार्क से निकाला गया तो पत्नी कुमकुम अंतिम बार पति को देखने और पैर छूने की बोलकर पीछे भागी। पुलिस ने पार्क का गेट बंद कर दिया। उधर, कुमकुम की दो माह की बेटी अभी अपने पिता को ढंग से पहचान भी नहीं पाई थी कि पिता का साया उठ गया।

 
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माैके पर पहुंचे विधायक और जमीन पर बिखरा खून। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गश्त के दौरान चीता मोबाइल का सायरन बजाया गया। जुआ खेल रहे आरोपी भाग गए। छापे के डर से ललित छत से कूद गया। करीब साढ़े तीन बजे पुलिस को मौत का पता चला। गंभीर आरोपों पर डीसीपी सिटी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच दूसरे सर्किल में एसीपी छत्ता को दी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- अमीषा सिंह, एसीपी सदर
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