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आगरा अस्पताल अग्निकांड: तीन मौतों से सदमे में पीड़ित परिवार, नरीपुरा में मातम, घरों में नहीं जले चूल्हे

Thu, 06 Oct 2022 10:05 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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मृतक की पत्नी को संभालती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
आगरा के नरीपुरा स्थित आर मधुराज हॉस्पिटल परिसर में अग्निकांड की वजह से घर में धुआं भरने से दम घुटने के कारण संचालक राजन सिंह, उनके बेटे ऋषि और बेटी सिमरन की मौत हो गई थी। घटना से पूरा परिवार टूट गया है। आसपास भी मातम है। हॉस्पिटल पर ताला लगा है। परिवार के लोग पुराने घर में शिफ्ट हो गए हैं। राजन के पिता गोपीचंद के आंसू नहीं रुक रहे। राजन की पत्नी राजरानी सदमे में हैं। मोहल्ले के कई घरों में बृहस्पतिवार को भी चूल्हे नहीं जले। आसपास की दुकानें भी बंद रहीं।

आर मधुराज हॉस्पिटल राजन सिंह चलाते थे। हॉस्पिटल बेसमेंट में है। इसके ऊपर भूतल पर उनका घर है। घर के मुख्य द्वार के पास ही एक दुकान है, जिसमें फोम रखा था। बुधवार तड़के करीब 4:45 बजे दुकान में आग लगी थी। घर में धुआं भरने से राजन का परिवार फंस गया था। उनके पिता गोपीचंद, बड़ा बेटा लवी, पत्नी राजरानी और वो खुद किसी तरह बाहर आ गए थे। छोटा बेटा ऋषि और बेटी सिमरन अंदर ही रह गए थे।
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राजन, उनके बेटे और बेटी की हुई थी मौत - फोटो : अमर उजाला
आग में फंसे बच्चों को निकालने के लिए राजन गए थे, तभी अंदर फंसे रह गए। धुएं में दम घुटने से तीनों की जान चली गई थी। राजरानी और लवी को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मगर, उन्हें कुछ घंटे बाद ही छुट्टी मिल गई। शाम करीब छह बजे परिजन ने राजन, ऋषि और सिमरन के शवों का अंतिम संस्कार किया। लवी ने मुखाग्नि दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
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आर मधुराज अस्पताल में लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला
मोहल्ले के लोगों का कहना था कि राजन ने कंपाउंडर की नौकरी करके अपना खुद का हॉस्पिटल खोला था। वह अपने बेटे लवी को भी डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पिता बार-बार उस घड़ी को याद कर रहे हैं, जब यह हादसा हुआ। 

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मृतक राजन के पिता गोपीचंद - फोटो : अमर उजाला
एक ही बात पूछ रहे हैं कि उनके परिवार ने किसी का क्या बिगाड़ा था। राजन की पत्नी राजरानी अस्पताल के बाद घर आईं तो पति, बेटे और बेटी की मौत की जानकारी से बेहोश हो गईं। तब से वो सदमे में हैं। उन्हें रिश्तेदार संभाल रहे हैं। राजन के और भी भाई हैं, लेकिन राजन ही हॉस्पिटल संभालते थे।
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आर मधुराज अस्पताल में लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला
परिवार के परिचितों में बृहस्पतिवार को पूरे दिन चर्चा रही कि राजन को मंगलवार को मेहंदीपुर बालाजी दर्शन के लिए जाना था। मगर, वह दशहरा होने की वजह से रुक गए। बेटी सिमरन भी जयपुर में थी। मंगलवार को ही लौटकर आई थी। परिवार के लोग कह रहे थे कि राजन मेहंदीपुर चले जाते और जयपुर से बेटी नहीं आती तो वो बच जाते।
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