आगरा के खंदौली में बीकॉम की छात्रा की हत्या दुष्कर्म के बाद की गई थी। पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी आशीष तोमर ने बताया कि छात्रा को अपने घर बुलाकर दुष्कर्म किया। छात्रा घरवालों से शिकायत की बात कह रही थी। इस पर उसका दुपट्टे से गला घोंट दिया। पुलिस ने हत्या के मुकदमे में दुष्कर्म की धारा की वृद्धि कर दी है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी आशीष तोमर और उसके पिता मुकेश तोमर को जेल भेज दिया। खंदौली क्षेत्र में जलेसर मार्ग पर एक जून को तड़के चार बजे पुलिस को गश्त के दौरान युवती का जलता हुआ शव मिला था। पुलिस ने आग बुझाकर अधजला शव पोस्टमार्टम गृह भेजा था। शव की पहचान एत्माद्दौला क्षेत्र की युवती के रूप में हुई थी। वह बीकॉम की छात्रा थी। 30 मई को कॉलेज जाने के लिए निकली थी। इसके बाद लापता हुई थी। उसके पिता सिपाही हैं।
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने खंदौली थाने में नाऊ की सराय स्थित नवनीत नगर निवासी आशीष तोमर के खिलाफ बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी आशीष तोमर और उसके पिता मुकेश तोमर को गिरफ्तार कर लिया था।
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आरोपी का पिता
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि हत्या आशीष तोमर ने अपने घर में की थी। उसने पूछताछ में बताया कि वह युवती से शादी के लिए कहता था, लेकिन वो मना कर देती थी। 30 मई को उसको बहाने से अपने घर बुलाया था। उसके साथ दुष्कर्म किया। इस पर युवती ने घरवालों को बताने और पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर आशीष ने उसकी हत्या कर दी।
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यहीं पर जलता मिला युवती का शव
- फोटो : अमर उजाला
घर में ही शव को पलंग के नीचे छिपा दिया। उसके माता-पिता गंगा स्नान करने गए थे। 31 मई को दोनों लौटकर आए। दुर्गंध आने पर पिता को पता चल गया। दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों से छात्रा का मोबाइल, जूते और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल को लेकर घूमता रहा था आशीष
पुलिस की पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसे पता था कि छात्रा के लापता होने पर पुलिस सबसे पहले उसके मोबाइल की लोकेशन पता करेगी, इसलिए उसने मोबाइल अपनी जेब में रख लिया। इसके बाद उसे लेकर घूमता रहा। 30 मई की रात तकरीबन 9:47 बजे मोबाइल को ट्रांसयमुना कालोनी में लाकर बंद कर दिया था। उसे लगा था कि पुलिस यहीं आसपास तलाश करेगी।
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आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पहले यमुना में फेंकने की थी योजना
आरोपी आशीष और उसके पिता मुकेश तोमर ने छात्रा के शव को पहले यमुना में फेंकने की योजना बनाई थी। मगर, उन्हें लगा कि यमुना में फेंकने के लिए काफी दूर जाना होगा। इस दौरान खंदौली मार्ग पर भी आना होगा। ऐसे मेें पुलिस पकड़ सकती है। इसके बाद खाली जगह पर शव को गड्ढे में दफनाने के बारे में सोचा, लेकिन तब भी यही लगा कि गड्ढा खोदेंगे तो देर हो जाएगी। इसलिए शव को दूर फेंककर आग लगाने की योजना बनाई थी।
छात्रा की मां ने छोड़ा खाना-पानी
बेटी की हत्या से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां सदमे में हैं। उन्हें परिवार के लोग संभाल रहे हैं। मां एक ही बात कह रही हैं कि बेटी को ला दो। उन्होंने खाना पानी भी छोड़ दिया है। परिवार के लोगों का कहना है कि घटना में और भी लोग शामिल थे। आरोपी के घर में उसकी मां भी थी। पुलिस ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया, जबकि उसे भी पूरी जानकारी थी। आशीष के साथ और भी आरोपी हो सकते हैं।