Agra jeweler Murder Case: आगरा में ज्वेलर्स की हत्या करने वाले बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दो मई को सिकंदरा के कारगिल चौराहे पर दिनदहाड़े बालाजी ज्वेलर्स के शोरूम से लूट के दौरान शोरूम संचालक योगेश चौधरी की हत्या करने वाले बदमाश अमन की पुलिस से मुठभेड़ हुई थी।
Agra Police Operation: आगरा के गणेश विहार कॉलोनी मघटई (जगदीशपुरा) के अमन और फारुख ने लूट की फुलप्रूफ प्लानिंग की थी। 15 दिन से श्री बालाजी ज्वेलर्स की रेकी कर रहे थे। लूट के लिए सराफ के शोरूम पर पहुंचने से पहले का समय चुना था। सराफ के आने पर हत्या कर फरार हो गए। पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना आसान नहीं था। बदमाशों ने रेकी की थी। सीसीटीवी कैमरों से बचते हुए पहुंचे थे। कैमरों से बचते हुए आए बदमाशों के फुटेज शोरूम के बाहर कैमरों में कैद हो गए। इससे ही पुलिस को सुराग मिले। पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए 90 घंटे दिन-रात एक कर दिए। नौ टीमें लगाई गई थीं। आधुनिक सर्विलांस की मदद से मंगलवार तड़के पुलिस को सफलता मिल गई।
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Agra Encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
2 मई की सुबह 11:15 बजे कारगिल स्थित शोरूम में लूट की वारदात हुई थी। जेवरात बैग में भरने के बाद सीढ़ियां उतरकर भाग रहे थे। सराफ योगेश चौधरी शोरूम के नीचे सीढ़ियों के पास पहुंचे। उनके पकड़ने पर गोली मारकर भाग गए थे। आक्रोशित व्यापारियों ने पुलिस को खुलासे के लिए 72 घंटे का समय दिया था।
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Agra Encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने डीसीपी सिटी सोनम कुमार, एसीपी विनायक भोसले, एसीपी आदित्य सिंह, निरीक्षक नीरज शर्मा के नेतृत्व में नौ टीमों का गठन किया। हर पल टीमों की कार्रवाई की जानकारी लेते रहे। पुलिस ने सैकड़ों कैमरों को देखा। एक हजार से अधिक कैमरे देखने के बाद सुराग मिल पाए।
15 दिन से कर रहे थे कारगिल चौराहे के शोरूमों की रेकी
पुलिस की पूछताछ में सुमित ने बताया कि फारुख और अमन ने लूट की योजना बनाई थी। इसके लिए वह कारगिल चौराहे पर 15 दिन से आ रहे थे। इस दौरान दुकानों की रेकी की थी। श्री बालाजी ज्वेलर्स को भी कई बार देखा था। इसमें सेल्स गर्ल थी। मालिक शोरूम खुलने के कुछ देर बाद आते थे। गार्ड भी तैनात नहीं था। इससे उन्हें लगा कि शोरूम में आसानी से लूट हो जाएगी। सुमित को उसके दोस्त हेमंत ने एक साल पहले एक बाइक चलाने के लिए गिफ्ट में दी थी। अपना फोन भी इस्तेमाल के लिए दिया था। घटना वाले दिन फारुख, अमन और सुमित बाइक से निकले थे। शास्त्रीपुरम में जेसीबी चौराहे के पास सुमित बाइक से उतर गया। इसके बाद फारुख और अमन ने एक शराब के ठेके पर रुककर शराब भी पी।
बाइक को कुएं में फेंक आए थे
फारुख और अमन ने बाइक से आने के लिए गलियों का रास्ता चुना था, जिससे कैमरों में तस्वीर नहीं आए। वारदात के बाद भागने के लिए भी दहतोरा गांव का रास्ता चुना। शास्त्रीपुरम में सुमित उनका इंतजार कर रहा था। दोनों उसे बीच में बैठाकर घर के लिए चले गए थे। सुमित को बाइक सहित छोड़कर दोनों कहीं और भाग गए थे। उधर, सुमित ने हेमंत को घटना की जानकारी देकर बुलाया। बाइक से लूट और हत्या की घटना के बारे में पता चलने पर हेमंत घबरा गया था। वह गांव के पास बाइक को कुएं में फेंक आया था।
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आगरा में पुलिस ने बदमाश को किया ढेर
- फोटो : अमर उजाला
सुमित ने कॉल करके बुलाया था दोस्त हेमंत
पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से सुराग मिला था। एक जगह पर कैमरे में बदमाशों की बाइक का नंबर नजर आया। बाइक हेमंत के नाम पर निकली। वहीं जिस नंबर से सुमित ने कॉल कर हेमंत को मिलने के लिए बुलाया था। वह भी हेमंत के नाम पर ही था। सुमित जहां पर अपने भाई अमन और फारुख से मिला था, वहां कैमरे लगे थे। इन कैमरों के फुटेज में सुमित का चेहरा साफ दिख रहा था। सर्विलांस की मदद से जानकारी मिलने पर पुलिस ने हेमंत को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की। हेमंत को फुटेज दिखाकर पुलिस घटना के खुलासे तक पहुंच गई। फारुख अब भी फरार है। उसकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं।
लूट के बाद सराफ को गोली मारकर भागते बदमाश
- फोटो : संवाद
मैनपुरी के निरीक्षक कुलदीप दीक्षित का अनुभव आया काम
मैनपुरी में तैनात निरीक्षक कुलदीप दीक्षित की भूमिका भी अहम रही। सराफ हत्याकांड के बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर उन्हें विशेष रूप से बुलाया गया था। उन्हें बदमाशों को सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से पहचानने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह अपनी टीम के साथ आए थे। कुलदीप दीक्षित वर्ष 2012 बैच के हैं। एसआई में भर्ती हुए थे। आगरा में वर्ष 2021 से 2023 तक तैनात रहे थे। तब वह एसओजी प्रभारी के रूप में तैनात थे। वर्तमान में क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग में तैनात हैं।
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ज्वेलर्स की हत्या के बाद जांच करती फॉरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
कारगिल पर सराफ की हत्या करने वाला बदमाश मुठभेड़ में ढेर
आगरा में सिकंदरा के कारगिल चौराहे पर दो मई को दिनदहाड़े बालाजी ज्वेलर्स के शोरूम से लूट के दौरान शोरूम संचालक योगेश चौधरी की हत्या करने वाले बदमाश अमन की पुलिस से मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस ने लूट के मामले में सगे भाइयों अमन और सुमित को गिरफ्तार किया था। मंगलवार तड़के पुलिस टीम दोनों को लूट के माल की बरामदगी के लिए ले जा रही थी।
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लूट के बाद सराफ को गोली मारकर भागते बदमाश
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पुलिस के अनुसार, अंसल एपीआई पर अमन ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों पर फायर किया। जवाबी फायरिंग में अमन को मार गिराया गया। सुमित की निशानदेही पर पुलिस ने लुटे गए जेवरात, घटना में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल और तमंचा बरामद किया है। वारदात में शामिल तीसरा बदमाश फारुख फरार है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि कारगिल चौराहे पर 2 मई को बाइक पर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने बालाजी ज्वैलर्स के शोरूम में सेल्स गर्ल रेनू और ग्राहक युवती पर पिस्टल तानकर तकरीबन 20 लाख रुपये के सोने के जेवरात लूटे थे। लूट के बाद जा रहे बदमाशों का सामना शोरूम संचालक योगेश चौधरी से हुआ। बदमाश अमन ने योगेश चौधरी के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हत्या और लूट की इस वारदात के बाद बदमाशों की तलाश के लिए 9 टीमों का गठन किया गया था।