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आगरा दोहरा हत्याकांड: बेटी की शादी की तैयारी में था परिवार, गोलियों ने छलनी कर दिया बेटे का सीना, पुलिस-प्रशासन पर लगे आरोप

Fri, 17 Dec 2021 11:26 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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आगरा: मृतकों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके दो अन्य भाई बेंचे लाल और रामू हैं। इसमें दिनेश अकेला कमाने वाला था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने बड़े भाई की बेटी रूबी का रिश्ता चांगौली गांव में तय कर दिया था। कुछ दिन पहले ही गोद भराई की रस्म की गई थी। अपनी बेटी आरती के लिए रिश्ते की तलाश कर रहे थे। अब हत्या के बाद परिजनों को सूझ नहीं रहा कि रूबी और आरती की शादी कैसे करेंगे। वहीं महेश सिंह भी तीन भाई थे। महेश पर ही परिवार आश्रित था। उनके दो बेटा और दो बेटियां हैं।  आगरा के चित्तरपुरा गांव में गुरुवार दोपहर जमीन की रंजिश में महेश सिंह (38) और दिनेश सिंह (44) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों चचेरे भाई थे। हत्या का आरोप गांव के कल्लू सिंह समेत 14 लोगों पर है। हमलावरों ने दोनों भाइयों को रास्ते में घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां दागी थीं। गोलियां की तड़तड़ाहट से पूरा गांव दहल गया था। 
 
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मृतक दिनेश की पत्नी को संभालती परिवार की महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
परिवार में मातम, गांव में खौफनाक सन्नाटा 
चित्तरपुरा में दोहरे हत्याकांड से परिवार में मातम पसरा है, जबकि गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा दिखा। हत्या के बाद दिनेश सिंह की पत्नी ममता और महेश सिंह पत्नी कलावती तो बेसुध हो गई थीं। होश में आने पर ममता यही कहकर बिलखने लगी कि बच्चों राहुल और आरती की देखभाल कौन करेगा। कलावती भी बच्चों गोविंद, कामिनी, प्रियंका, संदीप की परवरिश की बातें कहकर बिलखने लगती थी। 
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लेजम बिछाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद - फोटो : अमर उजाला
चकरोड का विवाद सुलझाने में पुलिस प्रशासन ने की लापरवाही
आगरा में खेड़ाराठौर के चित्तरपुरा गांव में चचेरे भाइयों की हत्या के पीछे तीन महीने पहले हुआ चकरोड का विवाद भी है। दोनों परिवार ने तहसील में शिकायत की। इसके बाद तहसील की टीम और पुलिस ने पैमाइश कराई। मगर, विवाद नहीं सुलझ सका। चकरोड बन जाने पर विवाद बढ़ गया था। हत्याकांड के बाद ग्रामीणों का यही कहना था कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने चकरोड का विवाद सुलझाने में गंभीरता दिखाई होती तो यह हत्याकांड नहीं होता। ग्रामीणों ने बताया कि कल्लू सिंह और अतर सिंह के परिवार में गांव में एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष इस जमीन पर अपना हक बताते थे।

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आरोपियों के घर पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एक साल पहले विवाद का निपटारा हो गया। तीन महीने पहले कल्लू और अतर सिंह के खेत की तरफ से चक रोड निकाली जा रही थी। इसकी शुरूआत अतर सिंह पक्ष के खेत से हुई थी। मगर, कल्लू पक्ष ने तहसील में शिकायत कर दी। आरोप लगाया कि चकरोड बनाने में जमीन छोड़ दी गई है। इस पर तहसील की टीम पुलिस के साथ पहुंची। पैमाइश के बाद अतर सिंह के खेत के पास चक रोड बन गई। कल्लू के खेत से चक रोड बनने पर अतर सिंह पक्ष ने शिकायत कर दी। जमीन छोड़कर रोड बनाने का आरोप लगाया। इस पर फिर पैमाइश हुई। एक महीने पहले चकरोड का निर्माण करा दिया गया। मगर, इस रोड के बनने से दोनों गुट के बीच रंजिश गहरी हो गई। 
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आगरा: दोहरा हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस प्रशासन के कर्मचारी दोनों गुटों के बीच विवाद को भांप नहीं सके। इसी का नतीजा है, हत्याकांड हो गया। बाह के नायब तहसीलदार गौरव अग्रवाल ने बताया कि चक रोड को लेकर शिकायत पर पैमाइश कराई गई। इसके बाद सड़क का निर्माण कराया गया था।
आगरा दोहरा हत्याकांड: जमीन की रंजिश में उजड़ गईं दो परिवारों की दुनिया, परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
 
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