आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी से अगवा हुए डॉक्टर उमाकांत गुप्ता बीहड़ से सकुशल घर वापस आ गए। परिजन उनका ख्याल रख रहे हैं। शुक्रवार को लोग उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने सभी से एक ही बात कही, शुक्र है पुलिस आ गई, नहीं तो जान नहीं बच पाती। बदमाश तो बीहड़ में रखकर ही उन्हें मार डालते। डॉक्टर उमाकांत गुप्ता के मुताबिक, बदमाशों ने कार से उतारकर बाइक पर बैठाया था। कुछ दूरी पर जाकर खाना खिलाने के बाद पैदल खेत में ले गए थे।
दिन होते ही बदमाश उनको बीहड़ के अंदर ले आए थे। इस दौरान गर्मी होने लगी थी। इससे वो बेहाल हो गए थे। उनके दो ऑपरेशन हो चुके हैं। एक मुंह में कैंसर का, दूसरा हृदय का ऑपरेशन हुआ है। इस कारण तबीयत पहले से खराब रहती है। दवाओं की जरूरत थी। बदमाश उनकी निगरानी हथियार लेकर कर रहे थे। उन्हें लघुशंका तक अपनी निगरानी में ही जाने दिया था। ऐसे में उन्हें लगा था कि मदद नहीं मिली तो जान नहीं बच पाएगी। रात में पुलिस आई तब जान में जान आई।