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बस हाईजैक मामलाः नाटकीय अंदाज में आत्म समर्पण करने थाना पहुंचे दिल्ली के दो आरोपी, हाथों में थे पोस्टर

Tue, 08 Sep 2020 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

विगत 18 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे दो कारों में सवार बदमाशों ने न्यू दक्षिणी बाईपास पर 34 सवारियों से भरी ग्वालियर की
कल्पना ट्रेवल्स की बस को हाईजैक कर लिया था। 
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थाना मलपुरा आत्म समर्पण करने पहुंचे बस हाईजैक मामले के दो आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बस हाईजैक मामले में दिल्ली निवासी दो आरोपी मनोज बघेल और सूरज बघेल सोमवार सुबह हाथों में पोस्टर लेकर मलपुरा थाना पहुंचे। पोस्टरों पर लिखा था, बस हाईजैक मामले में हमारा नाम आया है, हम सरेंडर करने के लिए आए हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए नजदीक आई तो बोले कि हम कुछ नहीं कहेंगे आप हमें पीटना नहीं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। 
 
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ढाबा से बरामद हुई हाइजैक बस - फोटो : अमर उजाला
18 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे दो कारों में सवार बदमाशों ने न्यू दक्षिणी बाईपास पर 34 सवारियों से भरी ग्वालियर की कल्पना ट्रेवल्स की बस को हाईजैक कर लिया था। बस में चालक रमेश निवासी डबरा मध्यप्रदेश, परिचालक राम विलास निवासी चंदेला छतरपुर मध्य प्रदेश और हेल्पर भोला निवासी देवरी कला, ग्वालियर था। 

संबंधित खबर- बस हाईजैक मामला: बीहड़ में छिपे थे मास्टरमाइंड के तीनों साथी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
 
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बस हाइजैक प्रकरणः मठभुड़ में घायल प्रदीप से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने सवारियों की टिकट के 23600 रुपये भी ले लिए थे। बाद में पुलिस ने इटावा से बस बरामद की थी। जांच में आरोपी प्रदीप गुप्ता समेत 12 लोगों के नाम सामने आए थे।  यह मामला मलपुरा थाना में दर्ज है। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
जांच में आरोपी प्रदीप गुप्ता समेत 12 लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में शुक्रवार को पुलिस ने एक आरोपी नंदनगरी दिल्ली के हरिविंदर को दिल्ली से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 
 
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बस हाईजैक करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
भइया... यूपी में पुलिस गोली मार देती है
गिरफ्तारी हो जाने के बाद दोनों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वे सरेंडर करने के लिए आए हैं, हाथों में पोस्टर इसलिए लाए ताकि पुलिस उन्हें मुठभेड़ में गिरफ्तार न दिखाए। उन्होंने सुना है कि यूपी में पुलिस गिरफ्तारी बाद में करती है, पहले पैर में गोली मार देती है।
 
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