आगरा में चार सितंबर को हुई बारिश के बाद नाले के किनारे बसे मंटोला और काजीपाड़ा में घरों के दरवाजों तक कीचड़ जमा हो गया है। नाला सफाई न होने के कारण जलभराव हुआ और पानी के साथ कीचड़ और गाद बाहर आ गई। यही सड़कों पर जमा हो गई है। रविवार को हालत और खराब हो गई। 20 हजार लोग इससे परेशान हैं। इनके लिए पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है।
महावीर नाले की सफाई न होने के कारण मंटोला में महावीर नाला बस्ती में पानी भरा। काजीपाड़ा नाले की सफाई न होने से काजीपाड़ा बस्ती के लोगों के लिए मुसीबत आई। लोगों का दुर्गंध के कारण बुरा हाल है। इलाके के लोगों ने अपने घरों तक पहुंचने के लिए ईंटें लगा रखी हैं। कीचड़ में फिसलकर बच्चे गिर रहे हैं। बस्ती के लोगों का कहना है कि नगर निगम ने यहां सफाई तक नहीं कराई है।
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काजीपाड़ा में सड़क पर कीचड़
- फोटो : अमर उजाला
राजनगर, खातीपाड़ा, लोहामंडी में भी परेशानी
काजीपाड़ा और मंटोला की तरह ही लोहामंडी, खातीपाड़ा, राजनगर और अशोक नगर के लोग परेशान हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, सड़कों पर जमा पानी कीचड़ में बदल रहा है। मच्छर पनप रहे हैं।
लोगों का घर पहुंचना भी मुहाल
मंटोला के हारुन रशीद ने कहा कि नाले की ठीक से सफाई की जाती तो शायद गंदगी सड़कों तक नहीं पहुंचती। उधर, नाला काजीपाड़ा को जाने वाली सड़क पर भी कीचड़ भरा हुआ है। गंदगी के कारण यहां भी लोगों का घरों तक पहुंचना मुहाल हो गया है।
नाले की गंदगी बहकर आई
सामाजिक कार्यकर्ता अदनान कुरैशी ने कहा कि महावीर नाले की तरफ इतनी गंदगी फैल गई है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। नगर निगम के कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं। नालों की गंदगी ही ऊपर आई है।
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मंटोला में ऐसे गुजरते हैं लोग
- फोटो : अमर उजाला
दरवाजे तक जम हुई कीचड़
परवेज कुरैशी ने कहा कि नाले की सफाई ठीक से होती तो गंदगी गलियों तक नहीं पहुंचती, लेकिन तेज बारिश में नाले की गंदगी यहां सड़कों पर बिखर जाती है। घर के दरवाजे तक कीचड़ हो गई है। लोग परेशान हो रहे हैं।
दुर्गंध के कारण जीना मुश्किल
कजीपाड़ा के मोहम्मद नसीम ने कहा कि नाला काजीपाड़ा हो नाला महावीर, सभी जगह यही हाल है। नाले की कीचड़ बहकर गलियों और घरों तक पहुंच रही है। दुर्गंध फैली है और बीमारियां फैलने का डर है।
बार-बार शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं
खातीपाड़ा की पार्षद प्रियंका प्रजापति ने कहा कि नालों की तली झाड़ सफाई को लेकर हम लोग बार-बार शिकायतें करते रहे हैं, लेकिन नगर निगम के आला अधिकारी निरीक्षण को तैयार नहीं है। इसी वजह से मानसून में लोगों को जलभराव झेलना पड़ा।
अफसरों की लापरवाही के कारण ये हालात
पार्षद रवि माथुर ने कहा कि मंटोला नाला के पास बस्तियों में आबादी रह रही है। घरों में 1 से 2 फुट तक पानी भर गया और पानी निकलने के बाद कीचड़ जमा है। कोरोना काल में संक्रामक रोग फैलने का खतरा है और यह सब नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हो रहा है।
नालों की सफाई के नाम पर खिलवाड़
पार्षद राकेश जैन ने कहा कि मोतीगंज नालों की सफाई के नाम पर खिलवाड़ किया गया है। जून के महीने में हम बार-बार नगर निगम के अधिकारियों को नाला सफाई के बारे में जागरूक करते रहे लेकिन नहीं सुनी गई। उसी का खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
सेनेटरी इंस्पेक्टर से तलब की है रिपोर्ट
नगरायुक्त निखिल टी फुंडे ने कहा कि नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई है, जो मानसून से पहले हो जानी चाहिए थी। जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगवाये हैं, ताकि पानी की निकासी हो सके। अगली बार मानसून से पहले नालों की सफाई पर बेहतर कार्य योजना बनाई जाएगी। जहां कीचड़ जमा है, वहां सफाई नहीं करवाई गई है तो इस बारे में इलाके के सेनेटरी इंस्पेक्टर से रिपोर्ट तलब की जाएगी। दो दिन में सफाई हो जानी चाहिए थी।