शहर में जगह-जगह हो रही खोदाई के कारण धूल कणों की मात्रा सामान्य से सात गुना ज्यादा है। इन जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर पर है। प्रदूषण के मामले में आगरा प्रदेश में 11वें स्थान पर रहा। औसत एक्यूआई 264 दर्ज किया गया।
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ताजनगरी में बढ़ा प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
जिन जगहों पर खोदाई नहीं हो रही है, वहां धूल कण भी सामान्य से कम है और सांस लेने लायक हवा भी है। पूरे शहर में ईदगाह और पुरानी मंडी, ताजगंज चौराहा सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र हैं, जहां सांसों में बेहद खतरनाक धूल कण पहुंच रहे हैं, वहीं सबसे कम प्रदूषण वाले क्षेत्रों में राजपुर चुंगी और पुराने शहर के इलाके हैं, जहां पर सीवर और पानी की पाइप लाइन की खोदाई नहीं हो रही और सड़कों का निर्माण हो चुका है।
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खोदी गई सड़क
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37 गुना ज्यादा कार्बन मोनो ऑक्साइड
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी की सूची के मुताबिक मंगलवार को आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 264 रहा, जो खराब की श्रेणी में है। इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 37 गुना ज्यादा तक पहुंची, वहीं दिन में भी यह सामान्य से 15 गुना ज्यादा बनी रही।
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खोदी गई सड़क
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इसी तरह बेहद सूक्ष्म धूल कण पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा 6 से 7 गुना तक ज्यादा रही। धूल कणों की मात्रा उन जगहों पर ज्यादा रही, जहां खोदाई और निर्माण कार्य हो रहे हैं। धूल नियंत्रण के उपाय न करने के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई।