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यूपी की नदी में 13 डूबे: 'काश तुम लौट आते...', दिल में दर्द, आंखों में आंसू, जुबां पर बस एक ही बात, तस्वीरें

Sat, 04 Oct 2025 09:28 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

यूपी के आगरा में नदी में विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। 13 लोग देवी प्रतिमा विर्सजन करते समय डूब गए थे। इनमें से एक को बचा लिया गया। जबकि पांच लोगों के शव मिल चुके हैं, और सात की तलाश जारी है। तलाशी अभियान जारी है। गांव कुसियापुर में दिनभर महिलाओं की सिसकियों की आवाज गूंजती रहीं।
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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा की तहसील खेरागढ़ से 2 किमी की दूरी पर बसे गांव कुसियापुर में शुक्रवार को गलियां सूनी पड़ीं थीं। रह-रहकर घरों से महिलाओं की सिसकियों की आवाज सन्नाटे को चीर रही थीं। हर तरफ पसरा मातम लोगों के दर्द को बयां कर रहा था। हर किसी के मुंह से बस एक की बात निकल रही थी कि काश, बच्चे बच जाते। सही सलामत घर वापस आ जाते। लौटकर आने का वादा करके गए थे, मौत उन्हें क्यों खींच ले गई। 

शुक्रवार को गांव में अमर उजाला की टीम पहुंची तो यही हाल था। गांव के घरों में एक तरफ अपनों के खोने का गम था तो दूसरी तरफ बेहाल परिजन को संभालते लोग।
 
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विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव कुसियापुर के मोड़ पर रहने वाले 24 वर्षीय भगवती प्रसाद के पिता मुरारीलाल खेत में बैठकर आंसू बहा रहे थे। अमर उजाला रिपोर्टर ने जब घर में जाने की कोशिश की तो मुरारीलाल आ गए। उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। पूछने पर बताया कि उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं।
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विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भगवती घर में बड़ा था। छोटा बेटा हरिओम अभी 14 साल का ही है। घर की जिम्मेदारी भगवती पर ही थी। उसकी शादी 14 फरवरी को ही मथुरा की चंचल से हुई थी। बृहस्पतिवार को बेटा दोस्तों के साथ देवी प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए घर से निकला था।

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गमगीन बैठी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसके डूबने की खबर आ गई। जब तक वो पहुंचे, तब तक कुछ नहीं बचा था। बेटे के वापस आने की आस में वो रातभर उटंगन नदी के किनारे बैठे रहे। मगर कोई कुछ नहीं कर सके। पिता ने बताया कि बेटा खेती करता था। इससे ही घर चलता था। हादसे ने उनका सहारा छीन लिया।
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गमगीन बैठी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटे सचिन को वर्दी पहनाने का सपना रह गया अधूरा
इस हादसे ने गांव के रामवीर की भी खुशियां छीन लीं। उनका 17 वर्षीय बेटा सचिन कक्षा 11 में पढ़ रहा था। पिता ने बताया कि बड़ा बेटा अंकित गाड़ी चलाता है। इस कारण वो छोटे बेटे सचिन को पुलिस और सेना में भर्ती करना चाहते थे। इसके लिए सचिन तैयारी में लगा हुआ था।
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नदी में 13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हर दिन दाैड़ लगाने जाता था। कोचिंग में भी जाता था। परिजन ने बताया कि सचिन भंडारे में बैठा हुआ था। जब लोग विसर्जन के लिए जाने लगे तो वो भी चल दिया। उसके साथ माैसेरी बहन और मां पप्पी भी गए थे। जब लोग मूर्ति लेकर नदी में गए तो सचिन भी चल दिया। यह देखकर मां ने उसे रोकने का प्रयास किया। मगर वो बोला कि मां पास से ही आ जाऊंगा।
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नदी में 13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में अपनी शर्ट उतारी और मां को दे दी। इसके बाद नदी में कूद गया। मगर किसी नहीं पता था कि वो आखिरी बार जा रहा है। फिर कभी लाैटकर नहीं आएगा। उसके डूबने पर मां, बहन चीखने लगीं। मगर कुछ नहीं हो सका। मां के आंसू नहीं रुक रहे हैं।

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नदी में 13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंजीनियर बनना था अभिषेक, इकलौता चिराग बुझ गया
हादसे का शिकार 17 साल का अभिषेक भी हुआ है। उसके पिता कुंवरराज टेलर हैं। उनका इकलाैता बेटा अभिषेक कक्षा 12 का छात्र था। उसने कंप्यूटर भी किया था। इंजीनियर बनना चाहता था। उसकी दो बहन सोनिया और आशिकी हैं। मां नीटू देवी हैं। पिता ने बताया कि वह घर के आगे का हिस्सा बनवा रहे हैं। कमरे की छत पड़ी थी। इसी बीच गांव में देवी प्रतिमा स्थापित होने पर अभिषेक भी रोजाना जाने लगा।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार को भंडारे के लिए सुबह 11 बजे निकल गया था। इसके बाद लौटकर नहीं आया। पिता ने बताया कि बेटी सोनिया साथ गई थी। उसने ही फोन करके बताया। हादसे की जानकारी पर वो घटनास्थल पर पहुंच गए। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बेटे के डूबने की जानकारी पर मां की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार दोपहर को बेटे का शव मिला।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ओमपाल के साथ डूब गए चार बहनों के सपने
डूबने वाले ओमपाल के पिता की कई साल पहले बीमारी से मृत्यु हो गई थी। उसकी चार बहन राधा, सोन देवी, रेवती और राखी हैं। रेवती की शादी नहीं हुई है। ओमपाल पर ही घर की जिम्मेदारी थी। वह इकलाैता भाई था। उसकी माैत से मां रेशाम के आंसू नहीं रुक रहे। बहनों का हाल बेहाल है। वह एक-दूसरे से लिपटकर रो रही थीं।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेना में भर्ती की तैयारी में लगा था कक्षा 10 का छात्र मनोज
17 साल का मनोज कक्षा 10 का छात्र था। चार भाइयों में सबसे छोटा था। पिता रामवीर ने बताया कि मनोज सेना में जाना चाहता था। गांव में दोस्तों के साथ दौड़ लगाने जाता था। बड़ा भाई नीरज भी उसके साथ तैयारी में लगा हुआ है। गांव में माता की मूर्ति स्थापित होने पर मनोज रोजाना जाया करता था।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बृहस्पतिवार को विसर्जन के लिए दोस्त आ गए। उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने रोकने का भी प्रयास किया था। मगर, वो कुछ देर में आने की कहकर चला गया। बेटे के बारे में सुनकर मां रामवती की तबीयत खराब हो गई। उन्हें परिवार के लोगों ने संभाला।
 

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी को लगाई थी जान बचाने के लिए आवाज
रनवीर सिंह किसान हैं। उनके एक बेटी तीन बेटे थे। बड़े बेटे आकाश और करन पत्थर का काम करते थे। उनका छोटा बेटा सोनू और बेटी रवीना पढ़ रहे हैं। करन की 3 साल पहले सपना के साथ शादी हुई थी। 1 साल का बेटा विनय है। सोनू ने बताया कि उनके बड़े भाई गांव के लोगों के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में गए थे।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीछे से वह अपनी भाभी सपना के साथ पड़ोस के लोगों के साथ पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही भाई करन भाभी को देखकर आवाज लगाने लगा कि सपना में मर रहा हूं बचा ले, दो बार बोले। वह कुछ समझ पाते तब तक भाई गहरे पानी में समा गया। यह देख करन की पत्नी मौके पर बेहोश होकर गिर गईं। परिवार के अन्य लोगों ने संभाला। तब से वह बेसुध हैं। मां सामंती देवी का भी हाल बेहाल है।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने नहाने से किया मना, तो दूसरी तरफ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे
आगरा की कुसियापुर निवासी यादव खेती करते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां थे। एक बेटी रेखा की 2017 में शादी हो गई। गगन 22 सबमर्सिबल मैकेनिक का काम करता था। हरेश ने इस साल आईटीआई के पेपर दिए थे। छोटी बहन पूजा ने स्नातक पास किया है। पूजा ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे वह भी अपने भाइयों के साथ खेरागढ़ उटंगन नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में कलश लेकर गई थी। 
 

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के पास विसर्जन करने पहुंचे तो पुलिस ने नहाने से मना कर दिया। इस पर गांव के अन्य लोग ट्रैक्टर को पीछे घुमाकर ले गए। तब उन्होंने भाइयों से कहा था कि आप दोनों विसर्जन करके आओ में आपके नहाने के लिए पानी भरकर रख लूंगी। उन्हें क्या पता था कि भाइयों से आखिरी बार बात हो रही है।
 

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहर 2 बजे 13 लोगों के डूबने की सूचना मिली। वह अपने पिता यादव सिंह और मां प्रेमवती के साथ घटना स्थल पर पहुंची। वहां देखा तो चीख पुकार मची हुई थी। रात 2 बजे तक वह भी भाइयों के आने के इंतजार में बैठी रही। मगर 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके भाइयों का पता नहीं चल सका।

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नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंदिर में खोलना था व्रत, हादसा हो गया
जिस स्थान पर गांव में प्रतिमा की स्थापना की गई थी, वहां पर चामड़ माता का वर्षों पुराना मंदिर है। मंदिर के सामने रहने वाले रंजन सिंह की पत्नी मलूदा ने बताया कि 50 साल से लोग मंदिर में पूजा- अर्चना करने आ रहे हैं। चार साल से माता की स्थापना की जाती है। नौ दिन तक पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को विसर्जित कर दिया जाता है। 

 

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नदी के किनारे मौजूद ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बार भी दशहरा पर भंडारे का आयोजन किया गया था। बृहस्पतिवार सुबह कन्या पूजन के बाद लोग प्रतिमा ले गए थे। जिन लोगों ने व्रत रखा था, उन्होंने प्रसाद नहीं लिया था। उनका कहना था कि वह प्रतिमा को नदी में विसर्जित करने के बाद ही लेंगे। इसके लिए मंदिर में प्रसाद रखा गया था। मगर मंदिर पहुंचने से पहले हादसे का शिकार हो गए।

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विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साथियों के डूबने से सदमे में विष्णु
विष्णु को हादसे के कुछ देर बाद ही बचा लिया गया था। परिजन ने बताया कि उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद वो पूरी तरह से ठीक नहीं हो सका है। इसलिए उसे शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नदी में डूबे लोगों की तलाश करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा हादसे में जनहानि पर सीएम ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे का संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए। साथ ही, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। सीएम ने हादसे में मृत लोगों ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की।
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