ताजमहल सिर्फ एक खूबसूरत इमारत नहीं है, इसके बनने के पीछे मोहब्बत का एक जज्बात है, उसकी बड़ी अहमियत है। बेपनाह मोहब्बत की निशानी ताजमहल को देखने के बाद फिल्म अभिनेता रजा मुराद ने कुछ इन्हीं शब्दों में संगमरमरी ताज की तारीफ की। वो शनिवार की सुबह लगभग नौ बजे स्मारक का दीदार करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि इमारतें तो सभी खड़ी कर देते हैं लेकिन ताज के तामीर होने के पीछे एक जज्बात है। एक शहंशाह ने अपनी पत्नी से एक वादा किया था कि वह उसकी याद में एक इमारत खड़ी करेगा। आज यही इमारत दुनिया में प्यार करने वालों के लिए एक जिंदा मिसाल है।
उन्होंने कहा कि शहंशाह का एक ख्वाब था जो हकीकत में तब्दील हुआ। यही वजह है कि दुनिया के कोने-कोने से इसे देखने लोग आते हैं। ताजमहल की वजह से कई मुल्कों के लोग हमारे देश को जानते हैं। हालांकि शायरों और कवियों में इसको लेकर मतभेद रहे हैं।