शीरोज कैफे
मधु पर एक सिरफिरे ने सन 1997 में तेजाब फेंका दिया। मधु का कहना है कि बीस साल में इंसाफ नहीं मिल सका है। ऐसे लोग रावण से कम नहीं होते, जो अपनी हरेक जगह सेटिंग निकाल लेते हैं। वक्त से समझौता कर लिया है। अगर कुछ होता नहीं है, तो किसी से कहने का कोई फायदा नहीं है। बीस साल पहले जिस रावण को मैंने पहली बार देखा, वो आज भी मौज की जिंदगी जी रहा है। ऐसे रावण के खिलाफ जब सख्त कार्रवाई होगी, तभी बुराई पर अच्छाई की जीत जैसी सोच आगे बढ़ सकेगी।