आगरा के फतेहाबाद कस्बे से अपहरण के बाद कक्षा एक के छात्र अभय (8) की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। छात्र की हत्या पड़ोसी ने दुकानदार के साथ मिलकर की थी।
यूपी के आगरा के फतेहाबाद कस्बे की विजय नगर कॉलोनी से मासूम बच्चे की अपहरण के बाद हत्या के मामले में आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज खोले। अपहरण किए आठ साल के छात्र की हत्या उसके घर के पास रहने वाले युवकों ने की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को पुलिस ने आरोपी विजय नगर कॉलोनी में जनसेवा केंद्र चलाने वाले कृष्णा उर्फ भजन लाल निवासी गढ़ी साबराय, फतेहाबाद को प्रतापपुरा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर 80 दिन बाद छात्र की लाश राजस्थान के मनिया से बरामद की गई है। रविवार को छात्र के घर के सामने रहने वाले एक आरोपी राहुल को भी पकड़ लिया।
आरोपी ने बताई पुलिस को कहानी
आरोपी कृष्णा ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले अभय के ताऊ राजेश और पिता विजय प्रकाश से झगड़ा हो गया था। तभी से वह अभय के पिता से रंजिश रखता था। 30 अप्रैल को कॉलोनी में शादी थी। उसी समय अपने साथी राहुल के साथ मिलकर अभय को पिता के पास ले जाने के बहाने स्कूटी पर बैठाकर ले जा रहा था। छात्र के चिल्लाने पर गला घोंटकर मार डाला। आरोपी स्कूटी को राजस्थान क्षेत्र के मनियां की ओर ले गए। यहां सुनसान जगह पर गड्ढा खोदकर मासूम की लाश को जमीन में दबा दिया। घटना के बाद आरोपी अपने घर लौट आए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी कृष्णा उर्फ भजन लाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चिठ्ठी से फंसा मास्टरमाइंड
पैसों की मांग को लेकर कृष्णा ने कई बार फिरौती की चिट्ठियां भेजीं। पहली चिट्ठी 24 जून को मिली थी, जिसमें कॉलोनी के बाहर दो हरी झंडी लगाने को कहा गया था। आगे की चिट्ठियों में धमकी दी गई कि टेलर विक्रम को गोली मार देंगे और बेटी का अपहरण करेंगे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी राहुल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
‘बिटवा’ जैसे स्थानीय शब्दों की पुनरावृत्ति से पुलिस का शक कृष्णा पर गहराया। चिट्ठियों की भाषा, हैंडराइटिंग और कृष्णा की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से जब घटनास्थलों की लोकेशन मैच की गई तो शक यकीन में बदल गया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो कृष्णा और राहुल ने अपराध कबूल कर लिया।
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अभय की मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरा बिट्टू मुझे वापस कर दो... बेटे की मौत से बेसुध मां
अभय प्रताप की हत्या की खबर जैसे ही विजय नगर कॉलोनी पहुंची, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। मासूम के घर मातम पसरा है। हर आंख नम है। अभय की मां शशि देवी बेटे की मौत की सूचना सुनते ही बेसुध होकर गिर पड़ीं। कॉलोनी की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। होश में आने पर वह बार-बार सिर्फ एक ही बात कह रही थीं मेरा बिट्टू मुझे लाकर दो।
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अभय की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो माह पहले बना ली थी अपहरण की योजना
घटना से 15 दिन पहले से ही कृष्णा ने अभय से दोस्ती बढ़ानी शुरू कर दी थी। रोजाना टॉफी देकर उसे बहलाता था ताकि वह आसानी से स्कूटी पर चले। अपहरण की दो माह पहले योजना बना रहे थे।
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अभय की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, मृतक के तहेरे भाई विनीत ने बताया कि वह अक्सर कृष्णा की दुकान पर बैठता था। तभी बातचीत में कृष्णा कहता था कि एक दिन बड़ा करूंगा सब याद करेंगे, हमें नहीं पता था कि वह हमारे साथ ही ऐसा करेगा।
घटना से 6 माह पूर्व बाबा ने बेची थी 35 लाख की जमीन
मृतक के बाबा जगदीश ने घटना से 6 माह पूर्व 35 लाख रुपये की जमीन बेची थी। इसकी आरोपियों को जानकारी थी कि परिवार के पास रुपये हैं। इसलिए आरोपी फिरौती वसूलने के लिए पत्र भेजते थे।