ताजमहल की डाउन स्ट्रीम में यमुना पर प्रस्तावित रबर डैम की राह नगला पैमा और गढ़ी चांदनी गांव में 288 पेड़ों को काटने के बाद ही साफ होगी। सिंचाई विभाग ने टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में इन पेड़ों को काटने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी, जो एक साल से लंबित है। इस वजह से परियोजना पांच साल से अधूरी पड़ी है।
पहली बार सूबे की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब आगरा आए थे तो उन्होंने ताजमहल से डेढ़ किलोमीटर दूर डाउन स्ट्रीम में स्थित नगला पैमा गांव के पास रबर डैम का शिलान्यास किया था। सिंचाई विभाग ने 350 करोड़ रुपये की परियोजना बनाई, जो पांच साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं आई। इस प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद शासन स्तर से प्रयास हुए न विभागीय स्तर से। दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद रबर डैम के लिए बजट में दो करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ, लेकिन बजट भी नहीं मिला।