आगरा के थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से हुए जीजा-साले के अपहरण में अपहृत काजिम के टैक्सी चालक चाचा अकील की भूमिका सामने आई है। वह आरपीएफ के एक मुखबिर के साथ रहता है। पुलिस की छानबीन में यह भी पता चला कि है कि अपहरण में चौथा वर्दीवाला आरपीएफएस का जवान है। अब पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है।
थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से अपहृत काजिम व इकरार के मामले में पुलिस ने मंगलवार की शाम आगरा कैंट आरपीएफ थाने में तैनात एसआई सुरेश चौधरी, आरक्षी पारुल यादव व नीरज सिंह को फिरौती लेते समय दबोचा था। पूछताछ में काजिम ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों उसका अपने चाचा अकील से विवाद हो गया था। अकील ने उसे सबक सिखाने की धमकी दी थी। अकील टैक्सी चालक है। उसकी आरपीएफ के मुखबिर भूरा के साथ दोस्ती है। आगरा कैंट पर आरपीएफ के लिए भूरा मुखबिरी करता है। अकील ने उसे सबक सिखाने का ठेका भूरा को दिया। भूरा ने आरपीएफ वालों से सेटिंग की। अपहरण की रात भूरा ही पुलिस कर्मियों की गाड़ी चलाकर आया था।
विज्ञापन
2 of 5
मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी पश्चिम जोन सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी आरपीएफ कर्मियों से पूछताछ की गई थी। बमुश्किल उन्होंने यह बताया कि उनका चौथ साथी आरपीएफएस में तैनात है। उसके बारे में आरपीएफ के अधिकारियों को जानकारी दी गई है। उसकी तलाश की जा रही है। जिस गाड़ी से अपहरण किया गया उसे भूरा ही चलाकर लाया था। भूरा की तलाश तेज कर दी गई है।
विज्ञापन
3 of 5
पुलिस गिरफ्त में आरोपी दरोगा व सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य
रेलवे सुरक्षा बल के दरोगा सुरेश चौधरी, सिपाही पारुल यादव और नीरज सिंह के खिलाफ पुलिस के पास ठोस साक्ष्य हैं। घटना रात एक बजे मलपुरा के गांव अभयपुरा में हुई थी। तीनों आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन वहां थी। आरोपित अपहरण के बाद जीजा-साले को राजामंडी आरपीएफ चौकी ले गए थे। सीसीटीवी फुटेज निकाले जा रहे हैं। फिरौती की रकम बैग में रखने से पहले नोटों का वीडियो बनाया गया था। बैग में कागज की गड्डी के आगे-पीछे नोट लगाए गए थे। 12 हजार रुपये आरेापियों के कब्जे से बरामद हुए। आरोपित आरपीएफ कर्मी मंगलवार को जीजा-साले को कार में लेकर कई जगह घूमे थे। बयान से आरोपियों का रूटमैप मैच कराया जाएगा।
4 of 5
जीजा-साले
- फोटो : अमर उजाला
राजा मंडी चौकी में पटे से पीटा
आरपीएफ के दरोगा और दो सिपाहियों को फिरौती के लिए अपहरण और मारपीट की धारा में जेल भेजा गया है। जीजा इकरार को राजामंडी आरपीएफ चौकी में पटे से पीटा गया। उसकी चीखें सुनाकर साले काजिम को डराया गया था। उससे घर पर फिरौती के लिए फोन कराया गया था। मुक्त हुए जीजा-साले अभी तक दहशत में हैं। उनका कहना है कि पुलिस नहीं बचाती तो आरोपी उन्हें किसी न किसी गंभीर मामले में फंसाकर जेल भेजे देते। उनके घरवाले किसी भी सूरत में फिरौती नहीं दे पाते।
इकरार अलीगढ़ में रामपुर, शाहपुर का निवासी है। दो दिन पहले ही अपनी ससुराल आया था। उसे साले काजिम के साथ कपड़े बेचने भिलाई जाना था। काजिम ने बताया कि अपहरण की रात पुलिस कर्मियों ने ज्यादा नहीं पीटा था। कुछ डंडे ही मारे थे। चौकी में उन्हें बंद कर दिया था। दूसरे दिन सुबह 11 बजे आरोपी फिर लौटकर आए। पहले उसे तीन-चार थप्पड़ लगाए। घर की आर्थिक स्थिति के बारे में पूछा। उसने कहा कि मजदूर हैं। ज्यादा पैसा नहीं है। यह सुनकर पुलिस कर्मियों ने उसके जीजा इकरार को बेरहमी से पीटा। उसकी आधे घंटे तक पटे से पिटाई लगाई। उससे घर पर फोन कराया। कुछ देर बाद उसे और जीजा को गाड़ी में बैठा लिया। शहर में इधर-उधर घुमाते रहे। शाम को पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया।