26 दिसंबर को सदी का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण होगा, जो बृहस्पतिवार को भारत में प्रात: 5:10 से 8:22 तक रहेगा। देश में सूर्यग्रहण प्रात: 6:20 बजे परिपूर्ण स्थिति में दिखेगा। सूर्यग्रहण से देश में प्राकृतिक आपदा का भय होने स्थिति बनने की आशंका रहेगी। यह सूर्य ग्रहण कई राशियों के लोगों को लाभ लेकर आएगा तो कई को हानियां पहुंचाएगा। अन्य देशों में रात 1.40 से प्रात: 8:30 तक रहेगा।
ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि यह कांकड़ सूर्य ग्रहण मकर, कु़ंभ, मेष, मिथुन, सिंह, तुला राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा, जबकि कर्क, वृश्चिक, मीन, वृषभ राशि वालों के लिए हानिप्रद रहेगा। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण के दौरान जल में बैठकर गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। रोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए सूर्यग्रहण के दौरान मछली की सेवा करनी चाहिए।
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर प्रशासक के आदेश पर 26 दिसंबर को सूर्यग्रहण होने के कारण वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में प्रभु दर्शन करने के लिए पट खुलने और आरती की सेवा में बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था सूर्यग्रहण होने से एक दिन पूर्व शाम से ही लागू हो जाएगी।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
26 दिसंबर को सूर्यग्रहण होने के कारण 25 दिसंबर को बांकेबिहारी के दर्शन सायंकालीन सेवा में 3.45 बजे पट खुलेंगे। शयन आरती शाम 7.40 बजे होने के बाद 7.45 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष कुमार ने बताया कि 26 दिसंबर को प्रात: कालीन सेवा में दोपहर एक बजे ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देंगे।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
श्रृंगार आरती दोपहर 1.10 बजे होने के बाद 1.15 मिनट पर राजभोग सेवा प्रारंभ होगी। दोपहर 3.40 बजे राजभोग आरती की जाएगी। इसके बाद पट बंद हो जाएंगे। सायंकालीन सेवा में शाम छह बजे बांकेबिहारी के दर्शन खुलेंगे, पूर्ववत निर्धारित समय पर देर शाम 8.25 बजे शयन आरती के बाद 8.30 बजे मंदिर के ठाकुरजी के पट बंद होंगे।