उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिले में अब तक 172 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इस महामारी से निपटने के लिए प्रशासन तमाम व्यवस्थाएं करने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) में कोविड 19 संक्रमितों के इलाज के लिए 100 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है।
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तीन श्रेणियों में बांटे अस्पताल
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एमसीएच विंग में बना आइसोलेशन सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज की एमसीएच विंग में बने इस आइसोलेशन सेंटर में कोरोना मरीजों को रखा जाएगा। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी (डीएम) प्रभु एन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
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आइसोलेशन सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने इलाज के दौरान मेडिकल टीमों को खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्राचार्य को आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए कहा। इस सेंटर के सभी वार्ड एयर कंडीशनर (वातानुकूलित) होंगे। साथ ही दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रसित कोविड-19 मरीजों के इलाज का पूरा इंतजाम होगा।
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जिला अस्पताल में बना आइसोलेशन वार्ड
- फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अस्पतालों को तीन श्रेणियों में बांट दिया है। इनमें सामान्य दवा व बेड से लेकर वेंटिलेटर तक का इंतजाम है। इलाज के लिए सात आइसोलेशन सेंटर में 237 बेड और 20 वेंटिलेटर तैयार हैं।
अस्पतालों की श्रेणियां व सुविधाएं
लेवल-1: इस स्तर के अस्पताल में सामान्य लक्षण के आधार पर मरीजों को दवा दी जाएगी। यहां बेड और पैरामेडिकल स्टाफ की सुविधा होगी। इस लिस्ट में खंदौली स्वास्थ्य केंद्र पर 34 बेड। कैंट रेलवे अस्तपाल में दस बेड। बरौली अहीर स्वास्थ्य केंद्र में 26 बेड हैं।
लेवल-2: इस स्तर के अस्पताल में ऑक्सीजन की भी व्यवस्था रहेगी। आपात स्थिति में यहां भर्ती मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा सकेगा। इस लिस्ट में आगरा जिला अस्पताल में 18 बेड हैं।
लेवल-3: इस तरह के अस्पताल हायर सेंटर कहलाएंगे। इनमें आइसीयू समेत सभी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होंगी। इसके तहत एसएन मेडिकल कॉलेज में 58 बेड। मिलिट्री अस्पताल में 91 बेड सुरक्षित हैं।