घर के अंदर रोज कई कामों से नमी बढ़ती है। खाना बनाना, गर्म पानी से नहाना, कपड़े सुखाना और यहां तक कि सांस लेने से भी कमरे की हवा में नमी बढ़ती है। अगर यह नमी बाहर नहीं निकलती तो वह घर की ठंडी सतहों पर पानी की बूंदों के रूप में जम सकती है। खिड़की का शीशा अक्सर कमरे की दूसरी चीजों के मुकाबले ज्यादा ठंडा रहता है। ऐसे में हवा में मौजूद नमी शीशे के संपर्क में आकर छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है।