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पानी उबालने से दूर हो जाते हैं ये खतरे, लेकिन हर बार उबालना जरूरी नहीं

Wed, 09 Sep 2026 11:21 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Boil Drinking Water: पीने के पानी को उबालना खासतौर पर तब जरूरी हो सकता है, जब पानी के दूषित होने का शक हो या उसकी गुणवत्ता को लेकर भरोसा न हो। पानी को अच्छी तरह उबालने से उसमें मौजूद कई हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करने में मदद मिलती है। हालांकि, अगर घर में पहले से सुरक्षित और मानकों के मुताबिक साफ पानी मिल रहा है, तो हर बार पानी उबालना जरूरी नहीं है।
 
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पानी उबालकर पीना कब जरूरी है? - फोटो : AI
पीने के पानी को लेकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि क्या पानी को हमेशा उबालकर ही पीना चाहिए? कई घरों में लोग रोज पानी उबालते हैं, जबकि कुछ लोग सीधे नल या फिल्टर का पानी पी लेते हैं। सच यह है कि पानी उबालना हर स्थिति में जरूरी नहीं होता। इसकी जरूरत पानी की गुणवत्ता और उसके दूषित होने के जोखिम पर निर्भर करती है। अगर आपको पानी के सुरक्षित होने पर भरोसा नहीं है, तो उसे उबालकर पीना एक आसान तरीका हो सकता है। खासकर ऐसी स्थिति में जब पानी की सप्लाई में गड़बड़ी हुई हो, बाढ़ या जलभराव के बाद पानी दूषित होने का खतरा हो या किसी वजह से पीने के पानी में गंदगी मिल जाने की आशंका हो, तब सावधानी बरतना जरूरी है।
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Side Effects Of Drinking Too Much Water - फोटो : AI
पानी उबालने से क्या फायदा होता है?
पानी को अच्छी तरह उबालने से उसमें मौजूद कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी खत्म करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि संदिग्ध या दूषित पानी को सुरक्षित बनाने के लिए उबालना एक भरोसेमंद तरीका माना जाता है। पानी को उबालते समय सिर्फ हल्का गर्म करना काफी नहीं है। पानी में अच्छी तरह उबाल आना चाहिए। उबाल आने के बाद इसे कम से कम एक मिनट तक उबालना आम तौर पर पर्याप्त माना जाता है। इसके बाद पानी को साफ और ढके हुए बर्तन में ठंडा करके रखना चाहिए, ताकि दोबारा उसमें गंदगी या कीटाणु न पहुंचें।
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Side Effects Of Drinking Too Much Water - फोटो : AI
हर बार पानी उबालना जरूरी नहीं
अगर आपके घर में ऐसी सप्लाई से पानी आ रहा है जिसे सुरक्षित माना जाता है और पानी की गुणवत्ता नियमित रूप से जांची जाती है, तो हर बार उसे उबालना जरूरी नहीं है। इसी तरह, सही तरीके से काम करने वाला पानी का फिल्टर भी पानी की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है, लेकिन हर फिल्टर हर तरह के प्रदूषक को नहीं हटाता। यह भी ध्यान रखें कि पानी उबालने से उसमें मौजूद मिट्टी, कई तरह के रसायन, भारी धातु या अतिरिक्त नमक जैसी चीजें जरूरी नहीं कि निकल जाएं। इसलिए अगर पानी में रासायनिक प्रदूषण का शक है, तो केवल उबालना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।
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water - फोटो : अमर उजाला
बच्चों और बुजुर्गों के मामले में रखें ज्यादा सावधानी
घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग हों, तो पानी की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सावधानी बरतना बेहतर है। अगर पानी की गुणवत्ता को लेकर जरा भी संदेह हो, तो उसे सीधे पीने के बजाय पहले उसकी जांच कराएं या जरूरत के हिसाब से उबालकर इस्तेमाल करें।

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