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जानना जरूरी: क्या आप जानते हैं जज और मजिस्ट्रेट के बीच का अंतर? अगर नहीं, तो जान लीजिए आज

Fri, 29 Sep 2023 11:06 AM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Difference between judge and magistrate - फोटो : istock
What is the difference between judge and magistrate: जज और मजिस्ट्रेट इन दोनों पदनामों के बारे में कभी न कभी तो आपने जरूर सुना होगा। यह दोनों ही भारतीय ज्यूडिशियल सिस्टम का प्रमुख हिस्सा हैं। वहीं क्या कभी आपने इस बात पर गौर किया है कि आखिर जज और मजिस्ट्रेट के बीच में अंतर क्या है? देश में बहुत कम लोग ही ऐसे हैं, जिन्हें इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में पता है। कई बार लोग इन दोनों पदनामों को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं। अगर आप इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में जानना चाहते हैं। ऐसे में यह खबर खास आपके लिए है। आज हम आपको इन्हीं दोनों के बीच के अंतर के बारे में बताने जा रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जज एक एंग्लो फ्रेंच शब्द जुगर से आया है। इसका अर्थ किसी विषय पर राय बनाना है। वहीं मजिस्ट्रेट शब्द फ्रांसीसी भाषा से निकला है। इसका अर्थ एक सिविल ऑफिसर से है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में विस्तार से - 
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Difference between judge and magistrate - फोटो : सोशल मीडिया

जज

देश में जजों की नियुक्ति राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा की जाती है। अगर आप जज बनना चाहते हैं। ऐसे में आपके पास लॉ की डिग्री का होना जरूरी है। जज का अधिकार क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर होता है।
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Difference between judge and magistrate - फोटो : पिक्साबे
जज के पास यह अधिकार होता है कि वह किसी दोषी व्यक्ति को मौत की सजा दे सकता है। इन सब के अलावा जज ऐसे मामलों को संभालता है, जो काफी जटिल होते हैं। 

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Difference between judge and magistrate - फोटो : istock
वहीं बात अगर मजिस्ट्रेट की करें, तो इनकी नियुक्ति मजिस्ट्रेट और हाई कोर्ट द्वारा की जाती है। मजिस्ट्रेट का अधिकार क्षेत्र राज्य स्तर तक सीमित होता है। 
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Difference between judge and magistrate - फोटो : pixabay
आपको इस बारे में पता होना चाहिए कि मजिस्ट्रेट के पास किसी दोषी व्यक्ति को मौत की सजा देने का अधिकार नहीं होता है। मजिस्ट्रेट का काम छोटे मोटे मामलों को देखने का होता है। 
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