छोटे बिजनेस में ग्राहक को उधार सामान देना कई बार जरूरी हो जाता है। खासकर जब ग्राहक पुराना हो और उस पर भरोसा हो। लेकिन परेशानी तब होती है जब एक ही समय पर कई लोगों को सामान उधार दिया गया हो। किसने कब सामान लिया, कितने रुपये का लिया और पैसे कब देने हैं, यह याद रखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में शुरुआत से ही उधार का हिसाब लिखकर रखना बेहतर तरीका है। तो आज की खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।