देश में एक बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र से जुड़े मजदूरों की है। इन लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई शानदार योजनाओं का संचालन कर रही हैं। इसी कड़ी में कुछ सालों पहले भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के गरीब श्रमिकों को 60 की उम्र के बाद आर्थिक सहायता प्रदान करना है। 60 की उम्र के बाद मजदूरों और श्रमिकों के समक्ष कई तरह की आर्थिक परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। बुढ़ापे के दौरान उनके पास आमदनी कमाने का भी कोई रास्ता नहीं बचता। देश की इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ सालों पहले प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत की थी। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -