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28 फरवरी तक संगम स्टेशन बंद: जानें आखिर क्या होता है एक रेलवे स्टेशन को बंद करने का अर्थ और क्या कहता है नियम

Mon, 17 Feb 2025 12:09 PM IST
प्रकाश चंद जोशी यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mahakumbh 2025 Prayagraj Sangam Railway Station Closed: अगर आप भी महाकुंभ जाने का प्लान कर रहे हैं तो जान लें कि वहां पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है। ऐसे में संगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) को 28 फरवरी तक बंद कर दिया गया है।
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : Amar Ujala
MahaKumbh 2025 Sangam Railway Station Closed: इन दिनों महाकुंभ चल रहा है जिसके कारण लगभग पूरी दुनिया की नजरें इस भव्य आयोजन की तरफ लगी हुई हैं। वहीं, आए दिन कुछ न कुछ ऐसा अपडेट महाकुंभ को लेकर आता है जो लोगों के लिए फायदेमंद भी होता है और कभी थोड़ा दुखदायी भी। जैसे, ताजा अपडेट ये है कि महाकुंभ में आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) को 28 फरवरी 2025 तक के लिए बंद कर दिया गया है।

अगर भीड़ लगातार बढ़ती है तो इस स्टेशन आगे भी कुछ दिनों के लिए बंद रखा जा सकता है। ऐसे में अगर आप भी महाकुंभ जा रहे हैं तो अब आपके पास क्या विकल्प हैं और इस स्टेशन को बंद क्यों किया गया है? साथ ही आप यहां ये भी जान सकते हैं कि एक रेलवे स्टेशन को बंद करने का अर्थ क्या होता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में...
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : AdobeStock
क्यों बंद किया गया यही स्टेशन?
  • संगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) को बंद करने के लिए डीएम ने मंडल रेल प्रबंधक को एक पत्र लिखा जिसमें महाकुंभ में श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या में आने के कारण सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवागमन हो सके इसलिए इस रेलवे स्टेशन को बंद करने के लिए कहा गया। दरअसल, इस सगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) को इसलिए बंद किया गया है क्योंकि ये स्टेशन मेला क्षेत्र के सबसे करीब का रेलवे स्टेशन है। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ आ रही है जिसके कारण स्टेशन बंद करने का फैसला लिया गया।
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : पीटीआई
क्या अर्थ होता है रेलवे स्टेशन बंद होने का?
  • दरअसल, वैसे तो किसी भी रेलवे स्टेशन को बंद नहीं किया जाता है, लेकिन जब किसी स्टेशन पर कोई हादसा या किसी तरह की अन्य दिक्कत होती है तब रेलवे द्वारा स्टेशन को बंद करने का फैसला लिया जाता है। यहां पर ये जानते हुए चलें कि संगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) को सिर्फ 28 फरवरी तक बंद किया गया है यानी इसके बाद इस स्टेशन को पहले की तरह यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।

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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
  • वहीं, जब कोई रेलवे स्टेशन बंद होता है तो इसका असर जहां एक तरफ वहां से ट्रेन पकड़ने वाले या वहां पर आने वाले यात्रियों पर पड़ता है, तो वहीं इसका असर भारतीय रेलवे पर भी पड़ता है। ट्रेन न चलने से या ट्रेनों के स्टेशन बदलने से भारतीय रेलवे को आर्थिक रूप से नुकसान होता है। इसके अलावा स्टेशन पर खाना, चाय-पानी, फल और अन्य सामान बेचने वाले लोगों की आजीविका पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। वहीं, यात्रियों को किसी वैकल्पिक स्टेशन से ट्रेन पकड़नी होती है जिसकी वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : AdobeStock
क्या है वैकल्पिक ऑप्शन?

ये हैं कुछ रेलवे स्टेशन
  • अगर आप भी महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने का प्लान कर रहे हैं और आप ट्रेन से यहां पहुंचना चाह रहे हैं, तो ऐसे में अब आपके पास कुछ अन्य रेलवे स्टेशन का विकल्प बचा है। आप प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन और झूंसी रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। हालांकि, संगम रेलवे स्टेशन (दारागंज) के मुकाबले मेला क्षेत्र की दूरी इन रेलवे स्टेशनों से दूर है। साथ ही ये भी जान लें कि प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशन पर रोजाना काफी भीड़ हो रही है।
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : Adobe Stock
अपना वाहन या टैक्सी
  • अगर आपको महाकुंभ पहुंचने के लिए ट्रेन टिकट नहीं मिल रहा है तो आप अपने वाहन से यहां पहुंच सकते हैं या फिर टैक्सी बुक करके भी जा सकते हैं। टैक्सी बुक करने के लिए आपको 20-30 हजार रुपये तक खर्च उठाना पड़ सकता है। हालांकि, सड़क मार्ग से आने पर आपको घंटों-घंटों जाम में बिताने पड़ सकते हैं। इसलिए प्रयागराज जाने से पहले ये जान लें कि आपको जाम के कारण दिक्कतें हो सकती हैं।
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महाकुंभ 2025: हर रोज प्रयागराज लाखों-करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। - फोटो : ANI
बस या हवाई मार्ग
  • संगम पहुंचने के लिए ट्रेन और अपने वाहन के अलावा रोडवेज और प्राइवेट बसों का विकल्प है। इसके अलावा आप हवाई मार्ग से प्रयागराज पहुंच सकते हैं। जहां बसों के लिए आपको प्रति व्यक्ति 1200 से 2 हजार रुपये (ये प्राइवेट बसों के लिए शुल्क हो सकता है) तक खर्च करने पड़ते हैं। जबकि, दिल्ली से प्रयागराज की फ्लाइट के लिए आपको 4 हजार से 6 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
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