आजकल ज्यादातर घरों में पीने के पानी के लिए आरओ लगा हुआ है। कई लोगों को लगता है कि आरओ से निकला पानी ही सबसे साफ और सुरक्षित होता है और बिना आरओ के पानी पीना ठीक नहीं है। लेकिन ऐसा हर मामले में जरूरी नहीं है। आरओ यानी रिवर्स ऑस्मोसिस की जरूरत इस बात पर निर्भर करती है कि आपके घर में आने वाला पानी कैसा है और उसमें कौन-कौन से घुले हुए पदार्थ मौजूद हैं। दरअसल, आरओ एक खास तरह की फिल्ट्रेशन तकनीक है, जो पानी में मौजूद कई घुले हुए पदार्थों और कुछ प्रदूषकों को कम कर सकती है। खासकर ऐसे इलाकों में जहां पानी में घुले ठोस पदार्थ यानी टीडीएस काफी ज्यादा हो या पानी में कुछ ऐसे दूषित पदार्थ मौजूद हों जिन्हें सामान्य फिल्टर आसानी से नहीं हटा पाते, वहां आरओ काम का हो सकता है। तो आइए जानते हैं।