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बच्चे की पढ़ाई के लिए अभी से जोड़ें पैसा, 1000 रुपये की एसआईपी से ऐसे तैयार करें बड़ा फंड

Sat, 26 Sep 2026 11:45 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

बच्चों की पढ़ाई का खर्च आज के मुकाबले आने वाले 10-15 साल में काफी बढ़ सकता है। ऐसे में छोटी रकम से शुरू की गई एसआईपी लंबे समय में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है। इंडेक्स फंड बाजार के किसी इंडेक्स को फॉलो करते हैं, लेकिन इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती और बाजार गिरने पर निवेश की वैल्यू भी घट सकती है। 
 
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बच्चे की पढ़ाई के लिए जेब पर बड़ा बोझ नहीं - फोटो : AI

बच्चों की पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। आज जिस कोर्स की फीस कुछ लाख रुपये है, 10 से 15 साल बाद उसके लिए इससे कहीं ज्यादा रकम की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अगर बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए आखिरी समय तक इंतजार किया जाए तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए माता-पिता छोटी रकम से ही निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए इंडेक्स फंड में एसआईपी एक विकल्प हो सकता है।

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बच्चे की पढ़ाई के लिए जेब पर बड़ा बोझ नहीं - फोटो : अमर उजाला

इंडेक्स फंड क्या होता है?
इंडेक्स फंड ऐसा म्यूचुअल फंड होता है जो किसी तय बाजार इंडेक्स को फॉलो करता है। यानी फंड का पोर्टफोलियो उस इंडेक्स में शामिल शेयरों और उनके वजन के हिसाब से बनाया जाता है। इसमें फंड मैनेजर लगातार अपनी पसंद से शेयर चुनने के बजाय इंडेक्स को ट्रैक करता है। बच्चे की पढ़ाई का लक्ष्य अगर 10 से 15 साल दूर है तो निवेश की अवधि लंबी होने के कारण इक्विटी आधारित निवेश पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इक्विटी फंड में बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है। म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और निवेश की रकम भी घट सकती है।

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बच्चे की पढ़ाई के लिए जेब पर बड़ा बोझ नहीं - फोटो : Istock
1000 या 2000 रुपये से कैसे शुरू करें?
एसआईपी में हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश की जाती है। उदाहरण के लिए माता-पिता बच्चे के नाम से अलग वित्तीय लक्ष्य बनाकर हर महीने 1000 रुपये की एसआईपी शुरू कर सकते हैं। बजट थोड़ा ज्यादा हो तो यही रकम 2000 रुपये की जा सकती है। एएमएफआई के मुताबिक एसआईपी 500 रुपये महीने जैसी छोटी रकम से भी शुरू की जा सकती है। मान लीजिए आप 15 साल तक हर महीने 2000 रुपये निवेश करते हैं। इस दौरान आपकी कुल जमा रकम 3.60 लाख रुपये होगी। इसके ऊपर मिलने वाला रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे तय रिटर्न या पक्की रकम समझना सही नहीं है।
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बच्चे की पढ़ाई के लिए जेब पर बड़ा बोझ नहीं - फोटो : adobe stock
निवेश शुरू करने से पहले यह बात जरूर समझें
बच्चे की पढ़ाई के लिए निवेश करते समय सिर्फ एसआईपी शुरू करना ही काफी नहीं है। लक्ष्य कितना बड़ा है और कितने साल बाद पैसे चाहिए, इसका अंदाजा लगाना जरूरी है। समय के साथ एसआईपी की रकम बढ़ाना भी एक तरीका हो सकता है। वहीं जैसे-जैसे बच्चे की पढ़ाई का समय करीब आए, पूरे पैसे को लंबे समय तक इक्विटी में रखने के जोखिम पर दोबारा विचार करना चाहिए।
 

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