ऑक्सीजन... यह अपने आप में ही गॉड गिफ्टेड (भगवान की तरफ से दिया गया उपहार) है। ऑक्सीजन के बिना मानव जीवन की कल्पना असंभव है। कोरोना काल की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता और असली महत्व देखने को मिला। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग अचानक बढ़ गई और ये आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ा की समूचे भारत में ही ऑक्सीजन सिलेंडर की शॉर्टेज की स्थिति बन गई थी। कोरोना काल में लोगों के लिए वरदान कहें या अमृत समान ऑक्सीजन सिलेंडरों को लोग किसी भी दाम में खरीदकर घरों में रखने लगे। ताकि मुश्किल के समय में लोग इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें। यूं तो इसका उपयोग मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान सांस लेने के लिए, सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए, साथ ही पर्वतारोहियों, स्कूबा गोताखोरों के सामान्य सांस लेने में सहायता के लिए किया जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसकी मांग इतनी अधिक बढ़ गई कि लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर मिलने में बेहद परेशानी हुई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसको बनाया कैसे जाता है? आज हम आपको बताएंगे कि इस जीवनदाता ऑक्सीजन सिलेंडर को कैसे तैयार किया जाता है?