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तलाक नहीं हुआ फिर भी पति से मिल सकता है पैसा? महिलाओं के लिए जान लें ये जरूरी नियम

Fri, 25 Sep 2026 01:02 PM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला

सार

Maintenance Without Divorce: पति-पत्नी के बीच तलाक न हुआ हो, फिर भी कुछ परिस्थितियों में पत्नी अपने और बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांग सकती है। इसके लिए पति का खर्च न उठाना और पत्नी का खुद अपना खर्च चलाने में असमर्थ होना जैसे पहलू देखे जाते हैं। अब नए मामलों में सीआरपीसी की धारा 125 की जगह बीएनएसएस की धारा 144 लागू है।
 
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बिना तलाक लिए पति से पैसे मांगना है संभव? - फोटो : AI

शादी के बाद अगर पति-पत्नी के बीच विवाद हो जाए और पत्नी अलग रहने लगे, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बिना तलाक लिए महिला अपने खर्च के लिए पति से पैसे मांग सकती है? इसका जवाब है कि कुछ परिस्थितियों में महिला ऐसा कर सकती है। इसके लिए तलाक होना जरूरी नहीं है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।

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बिना तलाक लिए पति से पैसे मांगना है संभव? - फोटो : Adobe Stock

 अब धारा 125 नहीं, ये कानून है लागू
पहले ऐसे मामलों में सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता मांगा जाता था। हालांकि, 1 जुलाई 2024 से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस लागू हो चुकी है। इसमें गुजारा भत्ता से जुड़ा यही प्रावधान धारा 144 में है। इस धारा के तहत अगर पति के पास पर्याप्त कमाई है, लेकिन वह ऐसी पत्नी का खर्च नहीं उठा रहा जो खुद अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं है तो मजिस्ट्रेट गुजारा भत्ता देने का आदेश दे सकता है।

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बिना तलाक लिए पति से पैसे मांगना है संभव? - फोटो : Adobe Stock

अलग रह रही हैं तो भी कर सकती हैं दावा
सिर्फ यह वजह कि महिला पति से अलग रह रही है, अपने आप में गुजारा भत्ता खत्म नहीं कर देती। हालांकि, कानून में कुछ स्थितियों में पत्नी को भत्ता नहीं मिलने का प्रावधान भी है। उदाहरण के लिए, अगर पत्नी बिना उचित वजह पति के साथ रहने से मना करती है, दोनों आपसी सहमति से अलग रह रहे हैं या पत्नी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध में रह रही है, तो उसका दावा प्रभावित हो सकता है।

अगर महिला घरेलू हिंसा की शिकार है, तो वह घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत भी आर्थिक मदद और अन्य राहत मांग सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ किया है कि घरेलू हिंसा कानून के तहत मिलने वाली राहत और गुजारा भत्ता से जुड़ा प्रावधान अलग कानूनी रास्ते हैं।

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बिना तलाक लिए पति से पैसे मांगना है संभव? - फोटो : Adobe Stock

बच्चों के लिए भी मिल सकता है खर्च
गुजारा भत्ता सिर्फ पत्नी तक सीमित नहीं है। बीएनएसएस की धारा 144 में ऐसे बच्चों के लिए भी भरण-पोषण का प्रावधान है जो अपना खर्च खुद नहीं उठा सकते। इसलिए परिस्थितियों के आधार पर महिला अपने बच्चों के खर्च के लिए भी अदालत से गुजारा भत्ता मांग सकती है।

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बिना तलाक लिए पति से पैसे मांगना है संभव? - फोटो : Adobe Stock

 कितनी रकम मिलेगी?
गुजारा भत्ता की कोई एक तय रकम नहीं है। अदालत मामले की परिस्थितियों को देखकर राशि तय करती है। पति की आर्थिक स्थिति, पत्नी की जरूरत और बच्चों से जुड़े खर्च जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है। इसलिए हर मामले में मिलने वाली रकम अलग हो सकती है।

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