हम एक सिलिकॉन युग में कदम रख चुके हैं। आज के समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़ी तेजी से विकास हो रहा है। विकास की इस रफ्तार को देखते हुए कई बड़े उद्योगपति और टेक एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले 10 या 100 सालों में अगर आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस को बनाने में सफलता मिल जाती है। इस स्थिति में वह इंसानों को बुद्धिमत्ता की दौड़ में पीछे कर सकता है।
स्टीफन हॉकिंग, एलन मस्क और एपल के कॉ-फाउंडर स्टीव वॉजनिएक के मुताबिक एआई का पूर्ण विकास समाज और इंसानियत के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसके कई विनाशकारी प्रभाव इंसानियत के ऊपर पड़ सकते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या सच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों को मानवीय संवेदना, बुद्धिमत्ता और भावनात्मकता के स्तर पर पीछे कर देगा? क्या तकनीक ये चीज करने में सक्षम होगी? आइए जानते हैं -