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सिनेमा हॉल में क्या एमआरपी से अधिक कीमत पर बेच सकते हैं सामान? जानें नियम

Tue, 13 Oct 2026 07:19 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Legal Metrology Act Rules: अक्सर सिनेमा हॉल या मल्टीप्लेक्स में यह देखने को मिलता है कि पानी की बोतल या अन्य सामानों को उन पर छपी एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जाता है। आइए, इस लेख में इसी बात को समझते हैं और जानते हैं कि क्या वाकई किसी सिनेमा हॉल या रेस्टोरेंट में एमआरपी से ज्यादा दाम पर सामान बेचना कानूनी रूप से सही है या नहीं।
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एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलना - फोटो : AI
Restaurant Overcharging MRP: अक्सर जब हम किसी बड़े रेस्टोरेंट, होटल, मॉल या सिनेमा हॉल में जाते हैं, तो पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक या पैकेटबंद चिप्स के लिए हमें उस पर छपी कीमत से काफी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। कई बार पूछने पर दुकानदार या सिनेमा हॉल वाले सफाई देते हैं कि सर्विस चार्ज या एसी का बिल इसमें जुड़ा हुआ है, इसलिए कीमत ज्यादा है। 

बहुत से लोग इसे अपनी किस्मत मानकर चुपचाप पैसे दे देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कानूनन ऐसा करना पूरी तरह से अवैध है? भारत के उपभोक्ता कानूनों के तहत कोई भी व्यापारी किसी भी पैकबंद सामान पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी से एक भी रुपया ज्यादा नहीं वसूल सकता है। आइए इस लेख में इस नियम की सच्चाई जानते हैं।
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कानूनी रूप से एमआरपी का मतलब क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
कानूनी रूप से एमआरपी का मतलब क्या होता है?
  • एमआरपी का पूरा मतलब मैक्सिमम रिटेल प्राइस यानी अधिकतम खुदरा मूल्य होता है।
  • इसका मतलब यह है कि निर्माता कंपनी द्वारा तय की गई उस कीमत में टैक्स, ट्रांसपोर्ट और दुकानदार का मुनाफा सब कुछ शामिल होता है।
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लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत सख्त प्रावधान - फोटो : AI
लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत सख्त प्रावधान
  • भारत सरकार के लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियमों के अनुसार, किसी भी पैकेटबंद सामान को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचना दंडनीय अपराध है।
  • रेस्टोरेंट या सिनेमा हॉल मालिक इस नियम का उल्लंघन कर ग्राहकों से मनमाने पैसे नहीं वसूल सकते।

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और नियम - फोटो : Adobe Stock
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और नियम
  • सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि होटल या सिनेमा हॉल मालिक किसी पैकेटबंद वस्तु पर छपे दाम से ज्यादा कीमत नहीं ले सकते। 
  • हालांकि, अगर कोई रेस्टोरेंट खुद खाना पकाकर परोसता है, तो सर्विस के पैसे जोड़े जा सकते हैं, लेकिन सीलबंद बोतल पर नहीं। और वो सर्विस चार्ज ग्राहक के लिए वैकल्पिक होता है, यानी ग्राहक चाहे तो वो सर्विस चार्ज नहीं भी दे सकता है।
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ओवरचार्जिंग होने पर कहां और कैसे करें शिकायत? - फोटो : अमर उजाला
ओवरचार्जिंग होने पर कहां और कैसे करें शिकायत?
  • अगर कोई सिनेमा हॉल या मॉल संचालक आपसे एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूले, तो आप उसका पक्का बिल मांगें।
  • इसके बाद आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर कॉल करके या कंज्यूमर कोर्ट में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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