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Pay Matrix: क्या है 'पे मैट्रिक्स'? जिससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन पर पड़ेगा सीधा असर, आसान शब्दों में समझें सबकुछ

Wed, 22 Dec 2021 02:59 PM IST
ज्योति मेहरा यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आसान शब्दों में समझें क्या है 'पे मैट्रिक्स' (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है, क्योंकि अब केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पे मैट्रिक्स के आधार पर तय की जाएगी। जिससे कर्मचारियों को वेतन में सीधा फायदा होगा। दरअसल, पहले केंद्रीय कर्मचारियों का स्टेट्स ग्रेड पे के आधार तय किया जाता था। लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। फिलहाल सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर महंगाई भत्ता और सैलरी में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत सैलरी बढ़ने के साथ ही पे मैट्रिक्स की घोषणा भी की गई है। आप इसे ग्रेड पे का दूसरा रूप भी समझ सकते हैं। जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों को कई तरह के फायदे दिए जाते हैं। इसलिए आपको ये पता होना चाहिए कि आखिर पे मैट्रिक्स क्या है? इसके द्वारा कर्मचारियों के वेतन पर क्या फर्क पड़ने वाला है? दरअसल, सातवें वेतन के तहत पे मैट्रिक्स लेवल तीन से बेसिक पे स्ट्रक्चर तय किया जाता है। फिलहाल, बेसिक पे स्ट्रक्चर न्यूनतम 21,700 रुपये से शुरू होकर 40 इंक्रीमेंट्स के साथ 69,100 रुपये तक जाता है।
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आसान शब्दों में समझें क्या है 'पे मैट्रिक्स' (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
पे मैट्रिक्स क्या है ?

आपको मालूम हो कि, सातवें वेतन आयोग लागू होने के बाद से अब केंद्रीय कर्मचारी का स्टेट्स ग्रेड पे की जगह पे मैट्रिक्स के आधार पर तय किया जाता है। अब नए कर्मचारी भी आसानी से अपने वेतन का स्तर पता लगा सकते हैं। साथ ही भविष्य के वेतन की संभावित बढ़ोतरी के बारे मे भी जानकारी ले सकते हैं। इससे करियर के शुरुआत में ही ये पता लगाया जा सकता है कि आगे कर्मचारी को वेतन में कितना फायदा होने वाला है।
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आसान शब्दों में समझें क्या है 'पे मैट्रिक्स' (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
टेबल के जरिए की जाती है गणना

इसकी गणना एक टेबल के जरिए होती है। जिससे सैलरी की गणना की जाती है। दरअसल, रक्षा बलों, सिविलियन कर्मचारियों और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के लिए अलग-अलग पे मैट्रिक्स को तैयार किया गया है। जिसके आधार पर उनकी सैलरी बनाई जाती है। 

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आसान शब्दों में समझें क्या है 'पे मैट्रिक्स' (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
न्यूनतम सैलरी होगी 18,000 रुपये 

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, एंट्री लेवल के सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 7,000 रुपये से 18,000 रुपये कर दी गई है। 
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आसान शब्दों में समझें क्या है 'पे मैट्रिक्स' (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
इसका मतलब है कि अब बेसिक स्ट्रक्चर 18,000 के आधार पर ही सैलरी की गणना की जाएगी। जबकि क्लास-वन ऑफिसर को मिनिमम 56,100 रुपये सैलरी पर लिया जाएगा। सीधे तोर पर देखें तो केंद्रीय कर्मचारियों को सैलरी व उनके भत्ते की गणना में फायदा मिलेगा। 
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