फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CWG 2026: भाला-फेंक में कांस्य जीतने वाले यशवीर सिंह के मुरीद हुए नीरज चोपड़ा; क्यों याद आया 2023 एशियन गेम्स?

Sat, 01 Aug 2026 11:39 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो

सार

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने कांस्य विजेता यशवीर सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दबाव में यशवीर ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर भारतीय जैवलिन के उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई। यशवीर ने भी बताया कि आखिरी प्रयास में उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी थी।
विज्ञापन
1 of 5
यशवीर सिंह और नीरज चोपड़ा - फोटो : IANS

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए। श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने 89.75 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के साथ रजत और यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया। हालांकि मुकाबले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा नीरज चोपड़ा के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने अपने पदक से ज्यादा युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह की उपलब्धि को अहम बताया।

विज्ञापन

2 of 5
यशवीर और नीरज - फोटो : IANS
'यशवीर के साथ पोडियम साझा करना शानदार अनुभव'
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा कि यशवीर सिंह के साथ पोडियम पर खड़ा होना उनके लिए बेहद खास पल था। उन्होंने कहा कि भारतीय जैवलिन थ्रो का भविष्य काफी मजबूत नजर आ रहा है। नीरज ने कहा, 'मुझे एशियन गेम्स (2023 में आयोजित हुआ था) की याद आ गई, जब मैं और किशोर जेना दोनों ने भारत के लिए पदक जीते थे। यशवीर ने सबसे अहम समय पर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। उनके साथ पोडियम साझा करना मेरे लिए शानदार अनुभव है। कठिन मौसम के बावजूद मैंने अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मुझे लगता है कि मेरी वापसी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।'
 
विज्ञापन

3 of 5
यशवीर और नीरज - फोटो : IANS
आखिरी थ्रो ने बदल दी यशवीर की किस्मत
कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू कर रहे यशवीर सिंह ने प्रतियोगिता का सबसे यादगार पल अपने नाम किया। पहले पांच प्रयासों तक वह पदक की दौड़ से बाहर दिखाई दे रहे थे, लेकिन छठे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सीधे कांस्य पदक पर कब्जा जमा लिया।

इस शानदार प्रयास के साथ उन्होंने अपना पुराना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 83.72 मीटर भी पीछे छोड़ दिया। यशवीर ने इस थ्रो की बदौलत ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स और पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को भी पछाड़ दिया।

4 of 5
यशवीर - फोटो : IANS
'आखिरी प्रयास में पूरी ताकत लगा दी'
यशवीर सिंह ने बताया कि शुरुआती पांच थ्रो उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी प्रयास में सब कुछ दांव पर लगा दिया। यशवीर ने कहा, 'शुरुआत में मेरा थ्रो करीब 81 मीटर तक ही जा रहा था। मैंने देखा कि कांस्य पदक की दूरी लगभग 82 मीटर के आसपास है। तब मैंने खुद से कहा कि मैं इससे आगे फेंक सकता हूं। पहले पांच थ्रो अच्छे नहीं रहे, इसलिए आखिरी प्रयास में मैंने पूरी ताकत झोंक दी। वही थ्रो मुझे मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिला गया।'
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
यशवीर और नीरज - फोटो : IANS
नीरज के प्रदेश से निकला नया सितारा
हरियाणा के रहने वाले यशवीर सिंह ने पहली बार 2022 में सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा भी पार किया।

इसके बाद 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 82.57 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। वहीं, ताशकंद में आयोजित जी. अर्जुमानोव मेमोरियल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की। अब ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स का कांस्य जीतकर यशवीर ने साबित कर दिया है कि भारतीय जैवलिन थ्रो को नीरज चोपड़ा के बाद एक और मजबूत दावेदार मिल चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें