फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Paris Olympics: पदकवीर स्वप्निल की पहली प्रतिक्रिया, बोले- गगन नारंग से प्रेरणा मिली, शांत रहना धोनी से सीखा

Thu, 01 Aug 2024 04:23 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

स्वप्निल के कांस्य पदक जीतने पर ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए गगन नारंग भावुक हो गए थे और इस पदक को राइफल में दिशा बदलने वाला बताया।
विज्ञापन
1 of 6
स्वप्निल, गगन और धोनी - फोटो : PTI
अपने पहले ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले स्वप्निल कुसाले ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में पदक अपने नाम किया। वह इस स्पर्धा में भारत को ओलंपिक पदक दिलाने वाले पहले भारतीय बन गए। इस जीत के बाद उन्होंने ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर से बातचीत करते हुए खुशी जाहिर की। 
विज्ञापन

2 of 6
स्वप्निल कुसाले - फोटो : PTI
स्वप्निल ने कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है। काफी भावनाएं हैं अंदर, उसको बाहर तो अभी नहीं निकाल सकता, लेकिन सभी फैंस और पूरे भारत को धन्यवाद।' राइफल में 12 साल बाद भारत को कोई पदक आने को लेकर स्वप्निल ने कहा- दिमाग में इतना ही चल रहा था कि भारत के लिए कुछ हासिल करना है और पदक जीतकर देश का मान बढ़ाना है। अब यह संभव हो पाया है।' 12 साल पहले यानी 2012 लंदन ओलंपिक में गगन नारंग ने किसी राइफल इवेंट में भारत को कांस्य पदक दिलाया था।
विज्ञापन

3 of 6
गगन नारंग भावुक हो गए - फोटो : PTI
स्वप्निल के कांस्य पदक जीतने पर ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए गगन नारंग भावुक हो गए थे और इस पदक को राइफल में दिशा बदलने वाला बताया। गगन के भावुक होने के बारे में पूछे जाने पर स्वप्निल ने कहा- भैया (गगन) काफी वर्षों से मेरे साथ हैं। मैं उनको देखते हुए बड़ा हुआ हूं और उनसे सीखता भी आ रहा हूं। मुझे उनसे प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया था कि किससे बचना और किसके खिलाफ कौन सी रणनीति बनानी है। मैंने बस उनकी बात मानी। मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि थैंक यू मुझे समर्थन करने के लिए। 

4 of 6
स्वप्निल कुसाले - फोटो : PTI
भारत के ओलंपिक इतिहास में पहली बार निशानेबाजों ने तीन पदक एक ही खेलों में जीते हैं। स्वप्निल से पहले मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में और मनु ने सरबजोत के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्धा में कांस्य जीता था। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में चीन के लियू युकुन 463.6 के स्कोर के साथ स्वर्ण और यूक्रेन के सेरही कुलिश 461.3 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।
विज्ञापन

5 of 6
स्वप्निल कुसाले - फोटो : PTI
पिछली बार भारतीय निशानेबाज लंदन ओलंपिक 50 मीटर राइफल में फाइनल में पहुंचा था, जब जॉयदीप करमाकर 50 मीटर राइफल प्रोन में चौथे स्थान पर रहे थे। अब यह स्पर्धा ओलंपिक में नहीं है। अपने आदर्श क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की तरह रेलवे में टीसी कुसाले पहली स्टैंडिंग सीरिज के बाद चौथे स्थान पर थे। नीलिंग में उनका पहला शॉट 9.6 रहा लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की। इसके बाद 10.6 और 10.3 स्कोर करके वह दूसरे नंबर पर पहुंचे लेकिन अगले दो शॉट 9.1 और 10.1 रहे जिससे वह चौथे स्थान पर आ गए । फिर 10.3 स्कोर करके वह तीसरे स्थान पर पहुंचे और अंत तक बने रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
स्वप्निल कुसाले - फोटो : PTI
वह नीलिंग पोजिशन के बाद छठे स्थान पर थे, लेकिन प्रोन के बाद पांचवें स्थान पर आ गए। पिछले 12 साल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे कुसाले को ओलंपिक डेब्यू के लिये 12 साल तक इंतजार करना पड़ा। धोनी की ही तरह ‘कूल’ रहने वाले कुसाले ने विश्व कप विजेता क्रिकेट कप्तान पर बनी फिल्म कई बार देखी। उन्होंने क्वालिफिकेशन के बाद कहा था, 'मैं निशानेबाजी में किसी खास खिलाड़ी से मार्गदर्शन नहीं लेता, लेकिन अन्य खेलों में धोनी मेरे पसंदीदा हैं। मेरे खेल में भी शांत रहने की जरूरत है और वह भी मैदान पर हमेशा शांत रहते थे। वह भी कभी टीसी थे और मैं भी हूं। मैंने शांत रहना धोनी से सीखा है।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें