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बचपन में बौनेपन का लोगों ने उड़ाया जमकर मजाक, सिर्फ 10 मिनट ने बना दिया फुटबॉल का जादूगर

Thu, 14 Jun 2018 02:29 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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लिओनल मेसी
अर्जेंटीना के कप्तान और दुनिया के दिग्गज फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इस दिग्गज खिलाड़ी ने अपने करियर में क्ल्ब के लिए लगभग ट्रॉफी जीती है, लेकिन अपने देश के लिए वह अब तक कुछ खास नहीं कर पाए। 14 जून से शुरू होने वाले इस बार के फुटबॉल महाकुंभ फीफा विश्व कप में भी अर्जेंटीना की पूरी उम्मीदें इसी खिलाड़ी पर टिकी है। तो क्या इस बार मेसी अपने देश को फीफा विश्व कप का खिताब दिलाने में कामयाब हो पाएंगे?
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जानेमाने फुटबॉलर लियोनेल मेसी की कंपनी का भी है अवैध लेनदेन - फोटो : Getty
24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो में जन्मे मेसी की फुटबॉल के प्रति दीवानगी बचपन से ही था। परिवार की हालत उतनी अच्छी नहीं थी। उनके पिता कारखाने में काम करते थे और मां क्लीनर थी। मगर फुटबॉल के प्रति उनका जोश, जुनून और दीवानगी ने आज उन्हें इतना बड़ा स्टार बना दिया।
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लियोनल मेसी
गौरतलब है कि बार्सिलोना स्टार मेसी बचपन में बौनेपन के शिकार थे और हालत इतनी गंभीर थी कि इलाज के लिए उतने पैसे तक नहीं थे और चिकित्सा की वाकई बहुत जरूरत थी। उस समय इलाज महंगा था तो उनके स्थानीय क्लब ने भी हाथ खींच लिए लेकिन बार्सीलोना मदद के लिए आगे आया। 

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लियोनेल मेसी
साल 2000 में 13 साल के मेसी ने अपने पिता के साथ ट्रायल देने आए तो उनके बौनेपन का सभी खिलाड़ियों ने जमकर मजाक उड़ाया। ट्रायल के दौरान दस मिनट का खेल देखने के बाद ही बार्सीलोना ने मेसी के साथ करार का फैसला कर लिया। करार से मिले पैसों से मेसी का इलाज हुआ और कामयाब रहा। 
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Lionel Messi
इसके बाद मेसी ने बार्सिलोना का दामन कभी नहीं छोड़ा। हालांकि उनके दूसरे क्लबों के साथ जुड़ने की अटकलें लगी लेकिन उन्होंने अपने क्लब का साथ हमेशा दिया और सफलता की सुनहरी दास्तान लिख डाली। 
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लियोनेल मेसी
30 साल के मेसी ने 2006, 2010 और 2014 विश्व कप में खराब प्रदर्शन नहीं किया लेकिन उनके अपने बनाए मानदंड इतने ऊंचे थे कि उनकी तुलना महान दिग्गजों से होने लगी थी। 2006 में 18 वर्षीय मेसी ज्यादातर बेंच पर ही रहे जबकि चार साल बाद वे कोई गोल नहीं कर सके, दोनों बार जर्मनी ने क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को हराया।
 
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Lionel Messi
क्लब के लिए मिलती सफलताओं के साथ मेसी की लोकप्रियता की चर्चाएं दुनिया भर में होने लगी। लोग उन्हें दुनिया के बेहतरीन फुटबॉलरों में गिनती करने लगे। इतना ही नहीं लोग उन्हें माराडोना के समकक्ष या कुछ तो उनसे बेहतर मानने लगे। माराडोना के पास हालांकि विश्व कप था जो आखिरी बार 1986 में अर्जेंटीना ने माराडोना के दम पर ही जीता था।
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लियोनेल मेसी
ये हैं मेसी की उपलबद्धियां
-रिकार्ड पांच बार फीफा के सर्वश्रेष्ठ फुटबालर
-रिकार्ड पांच बार यूरोपीय गोल्डन शू, 
-बार्सीलोना के साथ 9 ला लिगा खिताब, 
-चार युएफा चैम्पियंस लीग और छह
-कोपा डेल रे खिताब 
-क्लब के लिए कुल 600 गोल दर्ज है। 
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