भारतीय बैडमिंटन के युवा सितारे आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यू की को हरा दिया। 21 वर्षीय आयुष ने तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज की। यह शी यू की के खिलाफ उनकी पहली जीत है।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सोमवार को जब 21 साल के आयुष शेट्टी कोर्ट पर उतरे, तब सामने सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी नहीं था, बल्कि दुनिया का नंबर-1 खिलाड़ी और मौजूदा विश्व चैंपियन खड़ा था। हालांकि, कर्नाटक के इस युवा शटलर ने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। तीन गेम और उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले के बाद आयुष ने शी यू की को हराकर न सिर्फ विश्व चैंपियनशिप के अगले दौर में जगह बनाई, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर दी।
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
- फोटो : ANI
वर्ल्ड नंबर-1 को हराकर किया सबसे बड़ा उलटफेर
आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के राउंड ऑफ 64 में शी यू की को 21-14, 13-21, 21-19 से मात दी। मुकाबले की शुरुआत से ही आयुष आक्रामक नजर आए। उन्होंने शानदार स्मैश के साथ-साथ बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया और पहले गेम को 21-14 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में शी यू की ने वापसी की और आयुष को 13-21 से पीछे कर दिया। इस समय ऐसा लगा कि चीनी खिलाड़ी अपने अनुभव के दम पर मुकाबले को अपने पक्ष में ले जाएंगे, लेकिन आयुष ने तीसरे गेम में जबरदस्त संयम दिखाया। निर्णायक गेम में दबाव लगातार बढ़ता गया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण मौकों पर अच्छे शॉट लगाए और 21-19 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
यह शी यू की के खिलाफ आयुष की चार मुकाबलों में पहली जीत थी। इससे पहले तीनों मुकाबलों में उन्हें हार मिली थी। इनमें इसी साल बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप का फाइनल भी शामिल था, जहां शी यू की ने उन्हें सीधे गेम में हराया था।
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
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घरेलू दर्शकों ने दी अतिरिक्त ऊर्जा
जीत के बाद आयुष ने माना कि नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों का समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, 'फैंस सच में मेरे साथ थे, जिससे मुझे ऊर्जा मिली। मैं थोड़ा थक गया था, लेकिन फैंस को इस तरह चीयर करते हुए सुनकर बहुत ऊर्जा मिली। वह (शी यू की) सच में नर्वस थे, जिस तरह से वह वापसी कर रहे थे, लेकिन मैंने किसी तरह जीत हासिल कर ली। यह एक शानदार अंत था।' आयुष के लिए यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि वह अपने देश में विश्व चैंपियनशिप खेल रहे थे। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का लगातार समर्थन निर्णायक गेम में उनके लिए अतिरिक्त ताकत बन गया।
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हार से लिया सबक, बदली रणनीति
शी यू की के खिलाफ पहले तीन मुकाबलों में मिली हार के बाद आयुष ने इस बार अलग रणनीति के साथ कोर्ट पर उतरने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने पिछली भिड़ंत का विश्लेषण किया था और इस बार वह अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करने में सफल रहे।
आयुष ने कहा, 'हमने मुकाबलों का विश्लेषण किया और आज मैं रणनीति के मामले में बहुत बेहतर था। पिछली बार जब हम खेले थे, तो उन्होंने मुझे हरा दिया था। उस समय मैं पूरी तरह भावशून्य था। आज मेरी तैयारी बेहतर थी। मैं इस जीत को सबसे ऊपर रखूंगा। घर पर खेलना, वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू, वर्ल्ड नंबर-1 के खिलाफ खेलना - मुझे लगता है कि यह एक खास जीत है।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पास उनके खिलाफ एक योजना थी। मैं उसमें कामयाब रहा और आखिर तक अपने प्लान पर कायम रह पाया। मैं इससे बहुत खुश हूं।'
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
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कौन हैं आयुष शेट्टी?
आयुष शेट्टी कर्नाटक के कर्कला के पास स्थित छोटे से इलाके सानूर से आते हैं। उनका बैडमिंटन से जुड़ाव काफी कम उम्र में हो गया था। महज आठ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें बैडमिंटन से परिचित कराया और शुरुआती दौर में वह उन्हें अपने घर के पीछे ही अभ्यास कराते थे। आयुष की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उनका परिवार बाद में बंगलूरू चला गया।
यहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलीं। इसके बाद उन्होंने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया, जहां उन्हें अपने खेल को निखारने का मौका मिला। छोटे शहर से निकलकर देश की प्रतिष्ठित बैडमिंटन अकादमी तक का उनका सफर बताता है कि भारतीय बैडमिंटन में उनकी कहानी सिर्फ एक अचानक मिली बड़ी जीत की नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और तैयारी का नतीजा है।
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
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2025 में जीता पहला बड़ा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब
आयुष के करियर में बड़ा ब्रेकथ्रू 2025 में आया, जब उन्होंने यूएस ओपन का खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने कनाडा के ब्रायन यांग को सीधे गेम में हराया। यह आयुष का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब था। इसके बाद उन्होंने एशिया चैंपियनशिप में भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। उन्होंने शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल ली शी फेंग और ची यू जेन जैसे खिलाड़ियों को हराकर साबित किया कि वह बड़े मंच पर दुनिया के मजबूत खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
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एशियन चैंपियनशिप में रचा इतिहास
इस साल आयुष ने बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर भारतीय पुरुष एकल के इतिहास में खास जगह बनाई। वह 61 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बने। सेमीफाइनल में उन्होंने थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसार्न को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, फाइनल में शी यू की ने उन्हें शिकस्त दी, लेकिन उस प्रदर्शन ने आयुष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर दिया।
जूनियर स्तर से ही दिखने लगी थी प्रतिभा
आयुष की उपलब्धियों की शुरुआत सीनियर स्तर पर ही नहीं हुई थी। उन्होंने 2021 में डेनमार्क जूनियर इंटरनेशनल का खिताब जीता था। इसके बाद 2023 में स्पोकेन, अमेरिका में आयोजित विश्व जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने 2023 में ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 और बहरीन इंटरनेशनल चैलेंज के फाइनल में जगह बनाई, जबकि 2024 में डच ओपन के फाइनल तक पहुंचे। इन परिणामों ने धीरे-धीरे उन्हें भारतीय बैडमिंटन के अगले बड़े नामों में शामिल कर दिया।
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आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
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'यह एक नई शुरुआत है'
शी यू की के खिलाफ निर्णायक गेम में आयुष एक समय जीत के बेहद करीब पहुंचने के बाद थोड़े दबाव में भी आए। उन्होंने माना कि कुछ मौकों पर उनसे जल्दबाजी हुई, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और दोबारा बढ़त हासिल कर ली। उन्होंने कहा, 'वह किसी तरह वापसी कर रहे थे, लेकिन मैं भी इसे जीतने के लिए बेताब था। मैं जीत के बहुत करीब था। हालांकि, मेरी तरफ से थोड़ी जल्दबाजी हो गई थी। वह वर्ल्ड नंबर-1 हैं, आप जानते हैं कि वह आपको आसानी से प्वाइंट्स नहीं देंगे। चार-पांच प्वाइंट्स के अंतर के बाद सब घबराहट की वजह से था, लेकिन किसी तरह मुझे फिर से ब्रेक मिला, कुछ अच्छे शॉट्स लगाए और मैं जीत गया।'
आयुष ने इस जीत को अपने करियर की नई शुरुआत के तौर पर देखा। उन्होंने कहा, 'दबाव हमेशा रहता है, आज भी था, लेकिन मैं ज्यादा उत्साहित हूं और पूरी तरह से जोश से भरा हूं और आगे बढ़ने को लेकर सच में बहुत खुश हूं। मुझे लगता है... यह एक नई शुरुआत है। कोई भी राउंड हो, मेरे लिए यह एक नया राउंड है। यह हम दोनों के लिए मुश्किल मैच था। घबराहट भरे पल भी थे, लेकिन जीतकर खुशी हो रही है।'
अंगुली से निकला खून, फिर भी नहीं छोड़ा मुकाबला
मुकाबले के दौरान आयुष को मेडिकल टाइम-आउट भी लेना पड़ा था। उनकी अंगुली से खून निकल रहा था, लेकिन चोट गंभीर नहीं थी। उन्होंने बताया, 'मेरी अंगुली से खून निकल रहा था। इसलिए मैंने मेडिकल ब्रेक लिया, कुछ गंभीर नहीं था।' मेडिकल ब्रेक के बाद उन्होंने अपना ध्यान दोबारा मैच पर लगाया और निर्णायक गेम में शी यू की को मात दी।
आयुष शेट्टी की कहानी अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन शी यू की जैसी चुनौती को विश्व चैंपियनशिप के मंच पर हराकर उन्होंने साफ कर दिया है कि भारतीय पुरुष बैडमिंटन को एक नया सितारा मिल चुका है। 21 साल की उम्र में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी के खिलाफ मिली यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि आयुष इस आत्मविश्वास को टूर्नामेंट के अगले दौरों में कितनी दूर तक ले जा पाते हैं।