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Vidur Niti: मनुष्य की इन कमियों के कारण नहीं मिल पाती सफलता, जानिए क्या कहती है विदुर नीति

Wed, 09 Mar 2022 11:25 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Vidur Niti - फोटो : अमर उजाला
Vidur Niti:महात्मा विदुर अपने समय के काफी बुद्धिमान व्यक्ति थे। इनके द्वारा दी गई शिक्षा आज के समय में भी काफी ज्यादा प्रासंगिक है। महात्मा विदुर के पिता ऋषि वेदव्यास थे। इनका जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ था। यही एक बड़ा कारण था, जिसके चलते तमाम गुणों से परिपूर्ण होने के बाद भी ये हस्तिनापुर के राजा नहीं बन पाए। इन्हें हस्तिनापुर का महामंत्री बनाया गया था। इनकी सोच काफी दूरदर्शी थी। विदुर और धृतराष्ट्र के मध्य हुए वार्तालाप को ही विदुर नीति के रूप में जाना जाता है। कूटनीति, युद्धनीति से लेकर राजनीति की बारीक से बारीक बातें आपको विदुर नीति में पढ़ने को मिलेंगी। महाभारत काल के ज्ञानियों में विदुर का भी नाम शामिल है। विदुर ने अपनी नीति में जीवन को सुगम और सरल बनाने के लिए कई बातों का जिक्र किया है। इसलिए महात्मा विदुर की नीति कलयुग में भी जीवन में उतारने योग्य है। महात्मा विदुर की नीतियां आज के समय में भी प्रासंगिक मानी जाती है। विदुर जी ने अपने नीति शास्त्र में मनुष्य में मौजूद कुछ ऐसी कमियों का जिक्र किया है, जिसके कारण वह कभी भी अपना लक्ष्य या किसी भी कार्य में सफल नहीं हो पाता है। इन कमियों के कारण ही उसकी सफलता के मार्ग में बाधा आती है। ऐसे में लोगों को अपनी इन आदतों को जरूर सुधार लेना चाहिए। आइए जानते हैं महात्मक विदुर ने किन कमियों का जिक्र किया है। 
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महात्मा विदुर ने आलस्य को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु कहा है। - फोटो : अमर उजाला

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महात्मा विदुर के अनुसार देर तक सोने वाले लोग कभी आगे नहीं बढ़ पाते। - फोटो : अमर उजाला

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भगवान पर विश्वास करना अच्छी बात है लेकिन साथ ही मनुष्य को अपनी लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत भी करनी चाहिए। - फोटो : istock
हमेशा भगवान पर निर्भर रहने वाला
महात्मा विदुर के अनुसार व्यक्ति को हमेशा अपने कर्म पर भरोसा करना चाहिए, उसे  हमेशा भगवान भरोसे नहीं रहना चाहिए।  जो व्यक्ति खुद की मदद करता है, भगवान भी उसी की मदद करते हैं। लेकिन जो लोग हमेशा भगवान के भरोसे या भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं, ऐसे लोग हमेशा आर्थिक तंगी से परेशान रहते हैं। भगवान पर विश्वास करना अच्छी बात है लेकिन साथ ही मनुष्य को अपनी लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत भी करनी चाहिए।
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मनुष्य को कम में ज्यादा की चाह नहीं रखनी चाहिए, ऐसा करने से कभी भी आर्थिक लाभ नहीं मिलता। - फोटो : istock
कम मेहनत में ज्यादा की चाह रखने वाला 
महात्मा विदुर के अनुसार जो लोग कम मेहनत में ही अधिक सफलता प्राप्त करना चाहते हैं,उन्हें कभी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती है। मनुष्य को कम में ज्यादा की चाह नहीं रखनी चाहिए, ऐसा करने से कभी भी आर्थिक लाभ नहीं मिलता। इसलिए मनुष्य को हमेशा मेहनत करनी चाहिए।
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