Chanakya Niti: चाणक्य, जो 'कौटिल्य' के नाम से भी विख्यात हैं। उनकी गिनती अच्छे राजनेता, शिक्षक और दार्शनिक के रूप में की जाती है। उन्हेंनें एक महान ग्रंथ की रचना भी की है, जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है। इस नीति शास्त्र में राजनीति, युद्ध और जीवन से जुड़ी कई बातों का उल्लेख है, जिनके अध्ययन से उचित मार्गदर्शन की प्राप्ति होती हैं।
आचार्य चाणक्य ने जहां जीवन को संवारने के लिए सूत्र दिए हैं, वहीं उन्होंने मनुष्य की उन आदतों का जिक्र भी किया है, जिसके चलते वह हमेशा समस्याओं से घिरा रहता है। उनका मानना है कि इंसान की झूठ बोलने की आदत उसे दोषी बनाती है। वह अपने श्लोक में कहते हैं कि ।। व्यवहारेऽन्तर्गतमाकारः सूचयति ।। इसका अर्थ है कि व्यक्ति के मन में क्या है, यह उसके चेहरे से प्रकट होता है। इसलिए झूठ बोलने का कोई अर्थ नहीं होता है। झूठ से हमेशा इंसान की समस्याएं बढ़ती हैं। ऐसे ही कई अन्य बुरी आदतों का जिक्र चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में किया है, आइए उनके बारे में जानते हैं।