गरुण पुराड़ 18 पुराणों में से एक है। इसके अधिष्ठातृ देव श्री हरि नारायण हैं। इस पुराण में जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक की नीतियों के बारे में विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। किसी मनुष्य की मृत्यु के बात गरुड़ पुराण पड़ने का विधान हैं। इसमें कई ऐसी बातों का जिक्र मिलता है जो मनुष्य को मुक्ति दिलाने में सहायक हैं। गरुड़ पुराण में ऐसी बातों का वर्णन भी किया गया है, जिन्हें अपने जीवन में अपनाकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है और व्यक्ति कई समस्याओं से स्वंय को बचा सकता है। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है जिनके घर भूलकर भी भोजन नहीं करना चाहिए अन्यथा आपको मान-सम्मान की हानि के साथ अन्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।