ऐसे लोगों से सोच समझकर ही करें दोस्ती, वरना हो सकती है मुसीबत
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कवि से रहें सावधान
कवि को लेकर एक कहावत प्रचलित है 'जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि'। इस कहावत का मतलब है जहां सूर्य की रोशनी भी न पहुंच सके वहां पर कवि की सोच पहुंच जाती है। यानी कवि अपनी कविता के माध्यम से कोई भी बात आसानी से कह सकता है, इसलिए चाणक्य कहते हैं कि कवि से दोस्ती और दुश्मनी दोनों सोच समझकर करनी चाहिए।